रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के भविष्य को नई दिशा देने वाले कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। ये फैसले न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि युवाओं को रोजगार, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। सुरक्षा से लेकर स्टार्टअप, आवास से लेकर डिजिटल कनेक्टिविटी तक सरकार ने एक साथ कई मोर्चों पर ठोस पहल की है।
1. नशे के खिलाफ निर्णायक वार, 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स
मादक पदार्थों की बढ़ती समस्या पर लगाम कसने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 100 नए पदों की स्वीकृति देते हुए प्रदेश के 10 जिलों—रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा—में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की जाएगी। इससे नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण, तस्करी की रोकथाम और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर लाने में बड़ी मदद मिलेगी।
2. एसओजी के गठन से आपात हालात में त्वरित कार्रवाई
राज्य की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के गठन को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 44 नवीन पद स्वीकृत किए गए हैं। यह विशेष प्रशिक्षित बल किसी भी आतंकी हमले, गंभीर खतरे या अचानक उत्पन्न आपात स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित करेगा।
3. छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण का सपना होगा साकार
विमानन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए मंत्रिपरिषद ने राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों में फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (एफटीओ) की स्थापना का निर्णय लिया है। निजी सहभागिता से संचालित यह संस्थान प्रदेश के युवाओं को पायलट प्रशिक्षण की सुविधा यहीं उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स जैसी नई गतिविधियों का भी विकास होगा, जिससे रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
4. स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा मजबूत आधार
छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी देकर सरकार ने राज्य को देश के अग्रणी नवाचार केंद्रों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। इस नीति से स्टार्टअप ईकोसिस्टम, इन्क्यूबेटर्स और निवेशकों को प्रोत्साहन मिलेगा। स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार के साथ प्रदेश में निवेश का आकर्षण भी बढ़ेगा।
5. कॉलोनीवासियों को राहत, 35 कॉलोनियां नगरीय निकायों को सौंपी जाएंगी
गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित और पूर्ण हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। अब इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को पानी, सड़क, बिजली, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं सीधे नगरीय निकायों से मिलेंगी। इससे दोहरे रखरखाव शुल्क का बोझ खत्म होगा और नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
6. नवा रायपुर में बनेगा वृहद बहुमंजिला शासकीय भवन
नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगम-मंडलों के लिए एक विशाल बहुमंजिला भवन के निर्माण को भी हरी झंडी दी गई है। यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और प्रशासनिक कार्य अधिक सुगम व प्रभावी बनेंगे।
7. सिरपुर और अरपा क्षेत्र में विकास को मिलेगी रफ्तार
सिरपुर और अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत योजनाबद्ध विकास को गति देने के लिए शासकीय भूमि आबंटन का अधिकार संबंधित जिलों के कलेक्टरों को सौंपा गया है। दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए भूमि 1 रुपये प्रीमियम और भू-भाटक पर आबंटित की जाएगी, जिससे मास्टर प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।
8. क्लाउड फर्स्ट नीति से डिजिटल शासन को मजबूती
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति को लागू करने की स्वीकृति दी है। इसके तहत सभी शासकीय विभाग केवल भारत सरकार द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं से ही सेवाएं लेंगे। इससे आईटी लागत में कमी, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता और नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
9. मोबाइल टावर योजना से दूरदराज तक पहुंचेगा नेटवर्क
डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना को भी मंजूरी दी गई है। खासकर वामपंथी उग्रवाद प्रभावित और नेटवर्कविहीन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और डायल 112 जैसी आपात सेवाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों तक सुनिश्चित होगी।
