जगदलपुर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश में नक्सली गतिविधियों को पुनर्जीवित करने की एक गंभीर साजिश का पदार्फाश किया है। इस मामले में एनआईए ने नक्सलियों के नॉर्थन रीजन ब्यूरो एनआईबी को दोबारा सक्रिय करने से जुड़े केस में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में सामने आया है कि माओवादी संगठन उत्तर भारत के कई राज्यों में फिर से अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहा था।
दिल्ली से चल रही थी पूरी रणनीति
NIA की जांच के अनुसार, प्रियांशु कश्यप को दिल्ली में माओवादी संगठन के आउटफिट एरिया सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उसका रोल संगठन के लिए बेहद अहम माना जा रहा था। उसे पुराने माओवादी नेताओं, कैडरों और समर्थकों को दोबारा संगठित कर एनआरबी को खड़ा करने का काम सौंपा गया था।
नेटवर्क विस्तार और युवाओं की भर्ती पर फोकस
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रियांशु के जरिए उत्तर भारत में नेटवर्क फैलाने की योजना बनाई गई थी। ओवरग्राउंड वर्कर्स के माध्यम से युवाओं को संगठन से जोड़ें और जमीन पर गतिविधियां तेज करने की साजिश रची जा रही थी।
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इन राज्यों पर थी माओवादियों की खास नजर
NIA के मुताबिक, नॉर्थन रीजन ब्यूरो के तहत माओवादी संगठन ने उत्तर भारत के छह प्रमुख राज्यों को टारगेट किया था—
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश
फंडिंग और सफेदपोशों की भूमिका की जांच जारी
चार्जशीट के जरिए माओवादी नेटवर्क की कई परतें उजागर हुई हैं। अब (NIA) यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क को आर्थिक मदद कहां से मिल रही थी और प्रियांशु कश्यप के संपर्क में कौन-कौन से अन्य लोग, विशेषकर सफेदपोश चेहरे, शामिल थे। जांच एजेंसी का कहना है कि आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
