रायपुर। रायपुर कलेक्टोरेट परिसर में दोपहिया वाहन चालकों के लिए जारी “बिना हेलमेट प्रवेश वर्जित” का आदेश जमीनी स्तर पर प्रभावहीन नजर आ रहा है। कलेक्टर द्वारा साफ निर्देश दिए गए हैं कि बिना हेलमेट किसी भी दोपहिया वाहन को कलेक्टोरेट के अंदर नहीं जाने दिया जाए, लेकिन हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है।
कलेक्टोरेट के प्रवेश द्वारों पर तैनात पुलिसकर्मी कई मामलों में नियमों का समान रूप से पालन नहीं करा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ वाहन चालकों को पहचान या चेहरे देखकर बिना हेलमेट ही अंदर जाने दिया जा रहा है, जबकि आम नागरिकों को नियमों का हवाला देकर रोक दिया जाता है। इस दोहरे रवैये से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
यह आदेश सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके और लोग हेलमेट पहनने की आदत डालें। लेकिन जब प्रशासनिक परिसर में ही नियमों की अनदेखी हो रही है, तो आम जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है।
नागरिकों का कहना है कि नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए। यदि किसी एक को बिना हेलमेट अंदर जाने दिया जाता है, तो दूसरे को रोकना न्यायसंगत नहीं है। कलेक्टोरेट जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में इस तरह की लापरवाही से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
लोगों की मांग है कि कलेक्टर के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि बिना किसी भेदभाव के नियम लागू हों। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस विषय को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वास्तव में कलेक्टोरेट परिसर में हेलमेट नियम का पालन सुनिश्चित किया जाता है या नहीं।
