प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि मृत्यु के बाद आत्मा का वापस लौट आना (NDE) सिर्फ कल्पना है, इसका कोई धार्मिक या आध्यात्मिक आधार नहीं है।
भक्त के सवाल पर दिया दो टूक जवाब
एक श्रद्धालु ने पूछा — “क्या मृत्यु के बाद लोग वापस लौटते हैं?”
महाराज ने जवाब दिया, “ये सब बकवास है। जो एक बार यमराज के फंदे में फंसा, वह लौटता नहीं है।”
यमराज की व्यवस्था में कोई चूक नहीं
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे रमेश नाम के लाखों लोग धरती पर हों, यमराज को जिस रमेश को ले जाना होता है, उसका पूरा विवरण सेकंडों में सामने आ जाता है।
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यमदूत गलती नहीं करते
व्यंग्य करते हुए बोले, “ऐसा नहीं होता कि यमदूत घूम-घूमकर पूछें कि तुम वो रमेश हो या नहीं। ये सिर्फ भ्रम है।”
धार्मिक प्रमाण नहीं
महाराज ने स्पष्ट किया कि मृत्यु के बाद वापसी की कहानियां मनगढ़ंत होती हैं और इनका कोई धर्मशास्त्रीय आधार नहीं है।
श्रद्धालु हुए संतुष्ट
उनके तार्किक और स्पष्ट जवाब से उपस्थित भक्तजन संतुष्ट नजर आए।
श्रद्धा का केंद्र बना आश्रम
वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज का आश्रम आध्यात्मिक मार्गदर्शन का प्रमुख केंद्र है, जहां हजारों श्रद्धालु रोज अपने प्रश्नों के समाधान के लिए पहुंचते हैं।
