भाटापारा। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में साइबर ठगी और उससे जुड़े व्यक्तियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल के माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर भाटापारा शहर थाना क्षेत्र में संचालित बैंकों के कुछ खातों की जांच की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि पांच अलग-अलग बैंक खातों में देश के विभिन्न राज्यों से साइबर फ्रॉड से प्राप्त ₹3,20,948 की राशि ट्रांसफर की गई है।
इन खातों का उपयोग अवैध रूप से धोखाधड़ी से प्राप्त धन को अपने खातों में लेने और उसे आगे स्थानांतरित करने के लिए किया गया। इन खातों से जुड़ी जानकारी अन्य राज्यों में दर्ज ऑनलाइन शिकायतों से भी मेल खाती है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि कुछ खातों में साइबर ठगी की राशि एक से अधिक बार प्राप्त की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खाता धारक जानते-बूझते साइबर ठगों की सहायता कर रहे थे।
उक्त खाताधारकों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बैंक खाते साइबर ठगों को किराए पर दिए थे और कमीशन के रूप में पैसे प्राप्त किए। इस पूरे मामले में भाटापारा पुलिस ने बीएनएस की धारा 315, 317(2), 317(4), 61(2)(ए), 112 और आईटी एक्ट की धारा 66(सी), 66(डी) के तहत अलग-अलग अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रोहित शोभवानी (24), सूरज दास मानिकपुरी (25), वसीम खान (39), लेखराम विश्वकर्मा (19), मोहम्मद अजीत (32), मनीष राय (25) और दयाशंकर रजक (32) शामिल हैं। सभी आरोपी भाटापारा शहर व ग्रामीण क्षेत्र के निवासी हैं।
फिलहाल ₹3.20 लाख की अवैध ट्रांजेक्शन का खुलासा हो चुका है और अन्य खातों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने इन सातों आरोपियों को 14 जुलाई 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
