कोरबा। जिले के कोरबा शहर में करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से बने देवी अहिल्याबाई होलकर कन्वेंशन सेंटर की फॉल सीलिंग 12 जुलाई 2025 को अचानक भरभराकर गिर गई। यह हादसा तब हुआ जब भवन पूरी तरह खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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बताया जा रहा है कि इस कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण हाल ही में 8 जून 2025 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था, जबकि भवन का निर्माण 23 अप्रैल 2024 को पूरा किया गया था। महज एक महीने के भीतर छत की सीलिंग गिरने की घटना से निर्माण में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है।
घटना के बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा जांच शुरू की गई, जिसमें भवन निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियां और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग सामने आया। जांच रिपोर्ट आने के बाद मंडल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सहायक अभियंता कांशी प्रकाश पैकरा और कार्यपालन अभियंता आर.के. दंदेलिया को निलंबित कर दिया है। दोनों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत निलंबन आदेश दिया गया है, और निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जगदलपुर निर्धारित किया गया है।
घटना को लेकर अब शासन स्तर पर भी सख्ती दिखाई जा रही है। गृह निर्माण मंडल ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और निर्माण कार्य में शामिल हर जिम्मेदार अधिकारी या ठेकेदार की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की बात कही गई है।
फिलहाल कन्वेंशन सेंटर को आम उपयोग के लिए बंद कर दिया गया है और तकनीकी टीम मौके पर विस्तृत मूल्यांकन में जुटी है। इस घटना ने सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।
