रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण फसलों को हुए नुकसान को लेकर राज्य सरकार ने राहत की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रभावित किसानों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने की बात कही है। इसके लिए सभी जिलों के कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों में फसल क्षति का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को हुए नुकसान को लेकर सरकार गंभीर है। प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करने और नुकसान का सही आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
चक्रवात ‘अर्नब’ से फसलों को हुए नुकसान के कारण हमारे अन्नदाता भाइयों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कराने और प्रभावित किसानों को आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में हम हर प्रभावित किसान के साथ मजबूती से खड़े हैं। हमारे अन्नदाताओं की मेहनत और उनके हितों की रक्षा के लिए हमारी सरकार सदैव प्रतिबद्ध है।
सर्वे के बाद तय होगी राहत राशि
सरकार के निर्देश के मुताबिक पहले प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वेक्षण कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर निर्धारित नियमों और RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत पात्र किसानों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सर्वेक्षण और राहत राशि वितरण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी जरूरी कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर प्रभावित किसानों तक सहायता पहुंचाई जाए।
किसानों के हितों को बताया सरकार की प्राथमिकता
CM साय ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फसल क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि के भुगतान तक पूरी प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का फोकस प्रभावित किसानों को जल्द राहत देने पर है।
