आरंग। शासकीय बद्री प्रसाद लोधी महाविद्यालय, आरंग में शनिवार को महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का आयोजन State Level Coordinating Agency (SLCA) के माध्यम से संकल्प सांस्कृतिक समिति, रायपुर द्वारा किया गया। संकल्प सांस्कृतिक समिति की डायरेक्टर सुश्री मनीषा शर्मा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
नशा स्वास्थ्य के साथ शिक्षा और परिवार को भी करता है प्रभावित
कार्यक्रम में बताया गया कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। नशे की लगातार आदत से कार्यक्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और व्यवहार प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा तनाव, सामाजिक दूरी और पारिवारिक समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि नशे का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर परिवार, शिक्षा, रोजगार और समाज पर भी पड़ता है। युवाओं में नशे की शुरुआत कई बार गलत संगति, तनाव, जिज्ञासा और peer pressure जैसी परिस्थितियों के कारण हो सकती है। ऐसे में समय रहते सही मार्गदर्शन और जागरूकता बेहद जरूरी है।
जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान
कार्यक्रम में Resource Persons ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए नशे से उत्पन्न व्यक्तिगत एवं सामाजिक समस्याओं पर चर्चा की। साथ ही नशे की रोकथाम में युवाओं की भूमिका और जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के तरीकों की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा किसी व्यक्ति में नशे की समस्या दिखाई देने पर उसे उचित काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।
