कुछ दिनों की शांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान ने मध्य-पूर्व के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान के 14 प्रांतों में करीब 140 ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में ईरान के मिसाइल सिस्टम, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की स्पीड बोट्स और अन्य सैन्य ठिकानों को लक्ष्य बनाया गया। अमेरिकी हमलों में ईरान के कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ईरान के खिलाफ एयर स्ट्राइक की नई श्रृंखला शुरू की गई है। CENTCOM के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक आत्मघाती ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।
ईरान के कई इलाकों में हुए हमले
अमेरिकी हमलों में किश्म, सीरिक, बंदर अब्बास, जास्क, बुशेहर, खोंदाब, बंदर महशहर, बेहबहान, अंदीमेश्क, देजफुल, अहवाज, अबादान और खुर्रमशहर जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया।
ईरान के खुजेस्तान प्रांत में भी हवाई हमले किए गए। यह क्षेत्र ईरान के सबसे बड़े तेल और गैस केंद्रों में से एक है। खुजेस्तान के डिप्टी गवर्नर वलियोल्लाह हयाती ने बताया कि अहवाज शहर के आसपास हमले हुए हैं। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
ट्रंप ने शेयर की लड़ाकू विमानों की तस्वीरें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों के बीच सोशल मीडिया पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों की तस्वीरें साझा कीं। इनमें F-22 Raptor, B-1B Lancer और B-2 Spirit जैसे अत्याधुनिक विमानों की तस्वीरें शामिल थीं। इस पोस्ट के जरिए ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया।
ईरान का दावा- बहरीन के अमेरिकी ठिकाने पर हमला
वहीं ईरान ने दावा किया है कि उसकी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस को निशाना बनाया। ईरान के अनुसार, हमले में हेलिकॉप्टर रखरखाव केंद्र, पी-8 सैन्य विमान के हैंगर और अमेरिकी ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया।
ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की ओर से किए गए हमलों के जवाब में की गई है। हालांकि, अमेरिका और बहरीन की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना तनाव का केंद्र
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।
