रायपुर। प्रदेश में जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी शासकीय एवं अर्धशासकीय भवनों में 15 जून तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन तय समय-सीमा समाप्त होने के पखवाड़े भर से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कई सरकारी भवनों में इस दिशा में लापरवाही सामने आई है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के सैकड़ों सरकारी भवन अब भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से वंचित हैं।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 14 नगरीय निकायों में कुल 3,840 शासकीय भवन चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 2,932 भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जा चुका है, जबकि 902 भवनों में अब तक यह व्यवस्था नहीं हो पाई है। यानी बड़ी संख्या में सरकारी भवन विभागीय निर्देशों के बावजूद वर्षा जल संरक्षण की व्यवस्था से दूर हैं।
राजधानी रायपुर की स्थिति भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। यहां 565 शासकीय भवनों में से 26 भवनों में अब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित नहीं किया जा सका है। इनमें स्मार्ट सिटी कार्यालय, खादी एवं ग्रामोद्योग भवन, आनंद वाचनालय सहित कई प्रमुख सरकारी कार्यालय शामिल हैं। यह स्थिति तब है, जब सरकार स्वयं जल संरक्षण को लेकर व्यापक अभियान चला रही है।
सबसे चिंताजनक स्थिति अंबिकापुर की है। यहां 803 शासकीय भवनों में से केवल 140 भवनों में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है, जबकि अधिकांश भवन अब भी इस व्यवस्था से वंचित हैं। इससे विभागीय निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
