नई दिल्ली। एनएस राजा सुब्रमणि ने रविवार को भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने अनिल चौहान का स्थान लिया, जिन्होंने शनिवार को अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद पद छोड़ दिया। सरकार ने उन्हें भारतीय सेनाओं के आधुनिकीकरण, संयुक्त सैन्य संरचना को मजबूत करने और महत्वाकांक्षी मिलिट्री थियेटराइजेशन योजना को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
पदभार संभालने के बाद जनरल सुब्रमणि ने कहा कि सशस्त्र बलों का रूपांतरण, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और संगठनात्मक सुधार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक युद्ध की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वित संचालन बेहद आवश्यक है।
जनरल सुब्रमणि इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक सेना के उप प्रमुख तथा मार्च 2023 से जून 2024 तक सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में भी सेवाएं दी हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैन्य आधुनिकीकरण को भी विशेष महत्व दिया। उनका मानना है कि देश में विकसित हथियार प्रणालियां न केवल सेना की क्षमता बढ़ाएंगी बल्कि विदेशी निर्भरता को भी कम करेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
चार दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर वाले जनरल सुब्रमणि को पाकिस्तान और चीन मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है। उन्होंने विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में कमान संभाली है और अनेक महत्वपूर्ण सैन्य एवं रणनीतिक पदों पर कार्य किया है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेनाओं के एकीकरण और थियेटर कमांड प्रणाली को लागू करने की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी। इससे युद्ध या आपात स्थिति में तीनों सेनाएं एकीकृत कमांड के तहत अधिक प्रभावी और तेज़ कार्रवाई कर सकेंगी।
