कवर्धा। भावना बोहरा के नेतृत्व में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्रामों में धर्मांतरण के खिलाफ सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान लगातार तेज हो रहा है। इसी क्रम में ग्राम बूचीपारा में आयोजित सांस्कृतिक गौरव सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में पास्टर सहित छह गांवों के लगभग 200 लोगों ने अपने मूल धर्म में घर वापसी की।
कार्यक्रम में ग्राम छिरहा, पीपरहा, कुल्हीडोंगरी, जामुनपानी, नागाडबरा और नवापारा के आदिवासी परिवारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से पुनः जुड़ने का संकल्प लिया। इस दौरान विधायक भावना बोहरा ने समाज के लोगों का अभिनंदन कर उनके पैर पखारते हुए स्वागत किया।
बताया गया कि जिन गांवों में धर्म सभाएं आयोजित होती थीं, वहां अब इस प्रकार की गतिविधियां नहीं होंगी। इसे धर्मांतरण कराने वाले लोगों की मंशा पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्रावास, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ सांस्कृतिक संरक्षण और जनजागरण पर भी विशेष कार्य किया जा रहा है। उनके अनुसार आदिवासी समाज अब अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से दोबारा जुड़ रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले नेऊर क्षेत्र के आसपास के गांवों से 115, कुई-कुकदुर क्षेत्र से 70, ग्राम दमगढ़ से 50 तथा ग्राम कुल्हीडोंगरी से 140 लोगों ने घर वापसी की थी। इस नवीन आयोजन के बाद पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में अब तक 575 से अधिक आदिवासी समाज के लोग अपने मूल धर्म में लौट चुके हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य रोशन दुबे, जनपद अध्यक्ष नंदिनी साहू, उपाध्यक्ष छत्रकिशोर तिवारी, रुपेश जैन, कल्याण सिंह, नवल पाण्डेय, चंद्रू सोनी, शिव कुमार चंद्रवंशी, मंडल अध्यक्ष रविश ठाकुर सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
