नई दिल्ली. अगले महीने यानी 1 अप्रैल से डिजिटल ट्रांजेक्शन करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा. भारतीय रिजर्व बैंक फ्रॉड रोकने को नए नियम लागू करने का फैसला किया है. इसका कारण है भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बनाए गए सख्त ऑथेंटिकेशन नियमों का प्रभावी होना. आरबीआई ने यह कदम बढ़ते ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और साथ ही फ्रॉड की घटनाओं में हो रहे इजाफे को देखते हुए उठाया है. अगर आप भी यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग या मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं तो अगले महीने से इनके माध्यम से पेमेंट करने की प्रक्रिया थोड़ी बदल जाएगी.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अब सभी डिजिटल ट्रांजेक्शंस के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ (2FA) को अनिवार्य कर दिया है. आसान भाषा में कहें तो अब किसी भी ऑनलाइन भुगतान को पूरा करने के लिए आपको दो अलग-अलग चरणों में अपनी पहचान साबित करनी होगी. अभी तक कई प्लेटफॉर्म्स पर सिंगल क्लिक या केवल एक पिन के जरिए पेमेंट हो जाता था.
