बालोद। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में साढ़े 7 करोड़ रुपए का धान चूहों द्वारा खाने को लेकर सामने आया घोटाला अभी चर्चाओं में ही था कि बालोद में 900 बोरी धान लेकर निकला ट्रक गायब हो गया। जिला प्रशासन की नाक के नीचे से निकला ये ट्रक जिस जगह पर पहुंचना था, वहां नहीं पहुंचकर गुरुर ब्लाक के घने जंगलों में जाकर मिला। करीब 5 दिन बाद धान लोडेड ट्रक लावारिश हालत में बरामद हुआ है। ट्रक जीपीएस सिस्टम से लैस है, बावजूद पांच दिनों तक लापता रहा। ऐसे में हाईटेक तरीके से हो रही मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस के नेता इसे भाजपा नेताओं के संरक्षण में बड़ा भ्रष्टचार बता रहे हैं। इधर प्रशासनिक अफसर भी रटा रटाया जवाब यानि जांच करने की बात कह रहे हैं।
दरअसल, गुंडरदेही ब्लॉक के कोड़ेवा धान खरीदी केंद्र से 900 बोरी धान लेकर निकला ट्रक कैसे घने जंगलों के बीच पहुंचा इसकी भनक किसी को नहीं लगी। जिस जगह पर ट्रक खड़ी मिली वो जगह बालोद और कांकेर की सीमा पर स्थित है, जो घने जंगलों से घिरा इलाका है। गुरुर वन विभाग विधायक प्रतिनिधि तुलेश सिंहा ने बताया कि सरकारी धान से भरा ट्रक दमकासा के घने जंगलों में मिला। इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दो गई। सूचना के चार घंटे बाद पुलिस की टीम पहुंची। एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और पंचनामा की कार्रवाई की गई। तुलेश सिन्हा ने कहा कि ट्रांसपोर्टर पर एफआईआर होना चाहिए। यह सरकारी संपदा को चोरी से जोड़ा है। जीपीएस सिस्टम के बाद भी पांच दिनों से ट्रक गायब है और मालिक ने ड्राइवर पर एफआईआर भी नहीं कराया यह संदेहास्पद है।
Read Also- किसानों की मेहनत बर्बाद, सरकार मौन : धान घोटाले को लेकर NSUI का कलेक्ट्रेट मार्च
40 किमी का सफर, 4 दिन का सस्पेंस, एफआईआर भी नहीं
मिली जानकारी के अनुसार गुंडरदेही ब्लॉक के कोड़ेवा धान खरीदी केंद्र से 13 जनवरी को लगभग 900 बोरी धान ट्रक में लोड कर संग्रहण केंद्र के लिए रवाना किया गया था। इस ट्रक को महज 40 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी। जब ट्रक तय समय पर अपने निर्धारित जगह पर नहीं पहुंचा तो भी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी सहित ट्रांसपोर्टर ने इसकी सुध तक नहीं ली। मामले खुलने के बाद जिला विपणन अधिकारी टिकेंद्र राठौर ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। ट्रक वहां कैसे पहुंचा और इसके पीछे क्या कारण थे, यह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जंगल में लावारिस मिला ट्रक, बड़े खेल की जनचर्चा
शनिवार को बालोद-कांकेर सीमा पर स्थित ग्राम बढ़भूम दमकसा के पास घने जंगल में ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक ट्रक (धान से लदा हुआ) लावारिस खड़ा देखा। संदेह होने पर ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और जिला प्रशासन को दी। रात में जब प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, तो वहां मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए। पुलिस की टीम भी देरी से पहुंची। इसे लेकर जन चर्चा है कि कहीं न कहीं बड़ा खेल हो रहा है।
Read Also- बीजापुर में बड़ी मुठभेड़: 4 महिला माओवादियों सहित 6 ढेर, 8 लाख के इनामी DVCM दिलीप बेड़जा का अंत
GPS ट्रैकिंग पर ‘सिस्टम’ का मौन, कंट्रोल रूम अलर्ट क्यों नहीं
जिला प्रशासन का दावा है कि धान के एक-एक दाने की निगरानी मिनट-टू-मिनट जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए की जाती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि अगर ट्रक ने अपना निर्धारित रूट बदला, तो कंट्रोल रूम को अलर्ट क्यों नहीं मिला। पांच दिनों तक ट्रक के लावारिस हालत में खड़े रहने पर विभाग ने जांच क्यों नहीं कराई। क्या यह महज तकनीकी खराबी है या धान की अफरा-तफरी की कोई बड़ी साजिश तो नहीं है।
धान परिवहन में बड़े घोटाले की आशंका, कौन शामिल?
घने जंगल में धान से लदे ट्रक का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा भी हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि क्या धान को कहीं और खपाने की तैयारी थी या फिर ट्रक चालक और ट्रांसपोर्टर की मिलीभगत से इसे गायब किया गया था। फिलहाल, प्रशासन ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है, लेकिन इस घटना ने बालोद जिले में धान परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा जरूर कर दिया है। हालांकि अभी जांच होना और उसकी रिपोर्ट आना बाकी है।
Read Also- रूफटॉप सोलर अनिवार्यता में राहत: तकनीकी व आवासीय दिक्कतों वाले बिजली कर्मियों को मिलेगी छूट…
जानिए क्या कहते हैं भाजपा – कांग्रेस के नेता
कांग्रेस के लोगों के पास कोई मुद्दा नहीं है। किसानों का हितैषी बनने का ढोंग न करें। पूरी पारदर्शिता से धान खरीदी हो रही है। धान का सुरक्षित भंडारण भी किया जा रहा है। सुशासन की सरकार में दोषी कोई भी हो कार्रवाई होगी। अफसर जांच कर रहे हैं।
-चेमनलाल देशमुख, भाजपा जिलाध्यक्ष
पूर्व विधायक भैयाराम सिंहा ने कहा, धान परिवहन के बहाने भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इसमें भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोग शामिल हैं। यह फर्जीवाड़ा भाजपा और प्रशासन के पूरे संरक्षण में किया जा रहा है। सरकारी धान की चोरी की जा रही है।
बालोद के जनसेवक राकेश यादव कहते है कि, जिला प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करे। सुशासन की सरकार में ऐसी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
