रायपुर। हिंदू धर्म में सावन माह का विशेष महत्व माना जाता है और भगवान शिव की उपासना के लिए यह महीना अत्यंत पावन होता है। इस वर्ष सावन का दूसरा सोमवार 21 जुलाई 2025 को पड़ रहा है। इस दिन लाखों शिव भक्त उपवास रखकर और जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार को सच्चे मन से शिवलिंग का पूजन करने और व्रत रखने से महादेव जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। हालांकि ज्योतिषाचार्य चेतावनी देते हैं कि इस दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान न रखना भक्तों पर शिव की नाराजगी का कारण बन सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर कुमकुम या तुलसी पत्र अर्पित नहीं करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यह दोनों वस्तुएं शिव पूजा में वर्जित मानी जाती हैं। ऐसा करना अशुभ फल दे सकता है।
व्रतधारियों को चाहिए कि वे इस दिन अन्न का सेवन न करें। व्रत रखने वाले जल, दूध या फलाहार लेकर उपवास कर सकते हैं। इसके साथ ही मांस-मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन इस दिन पूरी तरह वर्जित माना गया है। इन चीजों का सेवन करने से शिव रुष्ट हो सकते हैं।
पूजा विधि के अनुसार, भक्तों को सोमवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर शिवलिंग का जल, दूध, शहद और बेलपत्र से अभिषेक करना चाहिए। ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप और शिव चालीसा का पाठ अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
इस दिन शिवभक्तों को संयम, शुद्धता और श्रद्धा के साथ पूजन करना चाहिए ताकि उन्हें महादेव की विशेष कृपा प्राप्त हो सके।
