रायपुर। राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त न होने और कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में कचरा उठाने की सेवा बाधित होने पर महापौर मीनल चौबे ने रामकी ग्रुप पर सख्त कार्रवाई की है। 13 जनवरी को कंपनी कर्मचारियों की हड़ताल से हुए नुकसान की भरपाई के लिए निगम ने 18 लाख रुपए की कटौती और 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। महापौर ने नगर निगम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हड़ताल जैसी लापरवाही दोबारा हुई, तो अनुबंध पर पुनर्विचार किया जाएगा और भुगतान की प्रक्रिया तब तक रोकी रहेगी जब तक काम से संतुष्टि नहीं मिलती।
महापौर ने कहा, रायपुर शहर की सफाई व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। बैठक में अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी और रामकी कंपनी के लोकल हेड योगेश कुमार भी मौजूद थे।
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नेता प्रतिपक्ष ने निगम पर साधा निशाना
सफाई व्यवस्था में गड़बड़ी को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने महापौर और नगर निगम प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण शहर के कई इलाकों में कचरा नहीं उठ पाया, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी हुई।
तिवारी ने आरोप लगाया कि, यह चार महीने में दूसरी हड़ताल है। दिवाली के समय भी कंपनी के कर्मचारियों ने हड़ताल की थी, जब ड्राइवरों का वेतन बढ़ा, लेकिन हेल्परों का नहीं, जिससे असंतोष पैदा हुआ।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, रायपुर में रोजाना 600-700 कर्मचारी कचरा उठाने में लगे रहते हैं। लेकिन हड़ताल के कारण आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पीने का पानी नहीं पहुंच रहा, गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, नालों का पानी सीधे नदी में जा रहा है और अब कचरा उठान भी ठप है।
