गुरूर। धान खरीदी व्यवस्था में लगाए गए नए डेटा एंट्री ऑपरेटरों को समितियों द्वारा हटाए जाने और तीन महीने का वेतन नहीं दिए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित ऑपरेटरों ने अपनी समस्याओं को लेकर कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नाम पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है।
हड़ताल के दौरान हुई थी नियुक्ति
पीड़ित ऑपरेटरों ने बताया कि 14 नवंबर 2025 को जब पुराने कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर थे, तब धान खरीदी कार्य को समय पर शुरू कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा तत्काल प्रभाव से नए डेटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति की गई थी। इन ऑपरेटरों को छः माह की अस्थायी नियुक्ति दी गई थी, जिसमें मासिक वेतन 18,420 रुपये निर्धारित किया गया था।
बिना सूचना हटाने का आरोप
ऑपरेटरों का आरोप है कि वे सभी तीन माह तक पूरी ईमानदारी और नियमित रूप से कार्य करते रहे, इसके बावजूद बिना किसी लिखित सूचना, आवेदन या कारण बताए उन्हें सोसायटी प्रबंधक एवं अध्यक्ष द्वारा कार्य से हटा दिया गया। इतना ही नहीं, तीन महीने का वेतन भी अब तक नहीं दिया गया है।
अवकाश के दिनों में भी ली गई सेवाएं
पीड़ितों का कहना है कि कार्यकाल के दौरान उनसे साप्ताहिक अवकाश के दिनों में भी बैठकों में शामिल होने के लिए बुलाया जाता रहा। जब इस संबंध में कृषि विस्तारक अधिकारी से नियुक्ति पत्र व वेतन को लेकर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने इस विषय में अनभिज्ञता जाहिर की। उल्लेखनीय है कि धान खरीदी के लिए डेटा एंट्री ऑपरेटरों के चयन संबंधी प्रक्रिया के तहत बॉम्बे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड द्वारा हुई थी। ऑफर लेटर सीधे उम्मीदवारों को जारी किए गए थे। चयन सूची संबंधित समितियों एवं खरीद केंद्रों के विवरण के साथ संबंधित विभागों को भेजी गई थी। अब सभी नए ऑपरेटरों को हटा दिया गया है।
नियमित रखने व वेतन भुगतान की मांग
पीड़ित ऑपरेटरों ने मांग की है कि उन्हें पुनः कार्य पर नियमित रूप से रखा जाए तथा लंबित तीन महीने का वेतन तत्काल भुगतान किया जाए। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है।
