रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अनुशासन को लेकर बड़ी और निर्णायक कार्रवाई सामने आई है। झीरम घाटी कांड को लेकर दिए गए बयानों और सार्वजनिक पत्राचार को पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी को छह वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। यह सख्त फैसला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर लिया गया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, झीरम घाटी कांड की न्यायिक जांच आयोग से संबंधित बयान और सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर विकास तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के जवाब को असंतोषजनक पाए जाने के बाद पार्टी ने यह कठोर कदम उठाया। पार्टी का कहना है कि संवेदनशील मामलों में गैर-जिम्मेदाराना बयान संगठन की छवि और एकता को नुकसान पहुंचाते हैं।
बता दें कि, बीते सोमवार को विकास तिवारी कांग्रेस भवन पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले झीरम घाटी हमले में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपना लिखित जवाब प्रस्तुत किया और झीरम कांड से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य सौंपने का दावा किया। तिवारी ने कहा कि उनके पास ऐसे ठोस प्रमाण हैं, जिनसे इस जघन्य हत्याकांड में कई बड़े चेहरों की भूमिका उजागर हो सकती है। उनका कहना था कि वे केवल सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के जांजगीर-चांपा में दिए गए भाषण का हवाला देते हुए विकास तिवारी ने झीरम कांड में कांग्रेस नेताओं के भी नार्को टेस्ट की मांग की थी। इस पत्र को सोशल मीडिया पर प्रचारित किए जाने को पार्टी ने गंभीर अनुशासनहीनता माना।

