बालोद। जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम माहुद (बी) में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। तीन साल की बच्ची प्रिया, जिसे चार महीने पहले दफनाया गया था, उसकी कब्र अज्ञात लोगों ने खोद डाली। कब्र से शव का सिर गायब मिला है। मिट्टी बिखरी थी, और आसपास पड़ी वस्तुएं किसी अंधविश्वासी क्रिया की ओर इशारा कर रही थीं।
खेत जाते समय खुला भयावह सच
रविवार सुबह ग्रामीण जब खेतों की ओर निकले, तो मुक्तिधाम से कुछ दूर बनी कब्र की मिट्टी उखड़ी दिखी। पास जाकर देखा तो दृश्य रोंगटे खड़े करने वाला था। तुरंत परिजनों को खबर दी गई। प्रिया के पिता जितेंद्र साहू के लिए यह दूसरा सदमा था। चार महीने पहले अचानक तबीयत बिगड़ने से बेटी की मौत हुई थी। किसी तरह उसे मिट्टी दी थी। अब वही मिट्टी फिर से कुरेद दी गई।
तंत्र क्रिया की आशंका
घटना स्थल पर मांस के टुकड़े, पान के पत्ते, कटा हुआ नींबू और चंदन-बंदन मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि यह किसी तंत्र-मंत्र की क्रिया हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन इन वस्तुओं ने गांव में डर को और गहरा कर दिया है। लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से घबरा रहे हैं।
प्रशासन सक्रिय, शव भेजा गया मेडिकल कॉलेज
सूचना पर हल्दी चौकी प्रभारी नंदकुमार साहू और नायब तहसीलदार हेमंत पैकरा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कब्र की दोबारा खुदाई कर शेष शव को बाहर निकाला और परीक्षण के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे असली कारण क्या है।
पिता की टूटती आवाज
प्रिया के पिता जितेंद्र कुमार ने कहा, “मुझे मेरी बच्ची के शरीर के पूरे अंग चाहिए। जिसने भी यह किया है, उसे सख्त सजा मिले।”
एक पिता, जिसने पहले बेटी को खोया, अब उसकी कब्र की बेअदबी देख रहा है।
गांव में बैठक, कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को बैठक बुलाई है। मांग साफ है, दोषियों की पहचान हो, गिरफ्तारी हो और सख्त सजा मिले।यह मामला सिर्फ कानून का नहीं, इंसानियत का भी है। एक मासूम की कब्र तक सुरक्षित नहीं रही, यह डर केवल माहुद (बी) का नहीं, पूरे समाज के लिए चेतावनी है।
