रायपुर। राजिम कुंभ कल्प मेले की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़ा और सख़्त निर्णय लिया है। राज्य शासन एवं कलेक्टर गरियाबंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुंभ अवधि के दौरान राजिम क्षेत्र में शराब और मांस-मटन की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
1 से 15 फरवरी तक मांस-मटन बिक्री पूरी तरह बंद
जारी आदेश के अनुसार 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक राजिम क्षेत्र की सीमा में मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस अवधि में मांस-मटन की खरीद के लिए लोगों को दूसरे शहरों का रुख करना होगा। वहीं श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और कुंभ की गरिमा को बनाए रखने के लिए राजिम, गोबरा नवापारा और मगरलोड क्षेत्र की सभी शराब दुकानें भी बंद रहेंगी।
उल्लंघन पर सख़्त कार्रवाई तय
राजिम एसडीएम विशाल महाराणा ने आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रतिबंध का सख़्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या व्यापारी आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों और व्यापारियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि राजिम कुंभ कल्प के दौरान धार्मिक मर्यादाओं का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है।
राजिम कुंभ कल्प: आस्था और संस्कृति का महापर्व
राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा से प्रेरित विशाल स्नान पर्व है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-प्रदेश से पहुंचते हैं। वर्ष 2026 का राजिम कुंभ कल्प विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह आयोजन राज्य की पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर बनेगा। आयोजन के दौरान पारंपरिक स्नान, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक उत्सव आयोजित किए जाएंगे, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
मुख्यमंत्री से मिले पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें राजिम कुंभ कल्प 2026 में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री आवास में हुई इस भेंट के दौरान मंत्री अग्रवाल ने आयोजन की तैयारियों, महत्व और संभावित पर्यटन लाभों पर विस्तार से चर्चा की।
