रायपुर। राजधानी में सीवरेज प्रबंधन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। शहर की बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे विस्तार के बीच नगर निगम ने निमोरा और चंदनडीह स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता बढ़ाने और ट्रीटेड पानी को उद्योगों को बेचने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है और मंजूरी मिलते ही काम शुरू होने की संभावना है।
इस योजना से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि नगर निगम की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही उद्योगों में भूजल के उपयोग को कम करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
निमोरा एसटीपी: 60 एमएलडी का नया प्लांट, 48 किमी पाइपलाइन
निमोरा एसटीपी की वर्तमान क्षमता 90 एमएलडी है। शहर से लगातार बढ़ रहे सीवरेज लोड को देखते हुए यहां 60 एमएलडी का नया एसटीपी स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इसके साथ ही निमोरा से तिल्दा तक करीब 48 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन 68 लाख लीटर ट्रीटेड पानी उद्योगों को सप्लाई किया जाएगा।

तिल्दा स्थित अडानी समूह की इकाई तक पानी पहुंचाने के लिए पंपिंग स्टेशन, स्टोरेज टैंक और सक्शन लाइन का निर्माण किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना लागू होने के बाद नगर निगम की मासिक आय में बड़ा इजाफा होगा।
चंदनडीह में टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट
चंदनडीह एसटीपी की मौजूदा क्षमता 75 एमएलडी है। यहां 20 एमएलडी का टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव लगभग 120 करोड़ रुपये का है।
इस प्लांट से उच्च गुणवत्ता वाला ट्रीटेड पानी भिलाई स्थित NSPCL इस्पात संयंत्र को सप्लाई किया जाएगा। इस परियोजना के लिए लगभग 250 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार किया गया है।
टर्शियरी ट्रीटमेंट प्रक्रिया से पानी को अतिरिक्त फिल्ट्रेशन और शुद्धिकरण के बाद उद्योगों के उपयोग योग्य बनाया जाएगा। इससे उद्योगों की जल आवश्यकता पूरी होगी और भूजल पर निर्भरता कम होगी।

17 नालों का गंदा पानी हो रहा ट्रीट
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद शहर के 17 प्रमुख नालों का गंदा पानी निमोरा और चंदनडीह एसटीपी में ट्रीट किया जा रहा है। इससे नालों के माध्यम से प्रदूषण फैलने पर रोक लगी है।
भाठागांव स्थित प्लांट से निकलने वाले पानी का उपयोग नगर निगम डिवाइडरों और उद्यानों की सिंचाई में करेगा, जिससे स्वच्छता और हरियाली दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
आय में होगा बड़ा उछाल
वर्तमान में एपीआई इस्पात को प्रतिदिन पांच लाख लीटर ट्रीटेड पानी बेचने से निगम को हर माह 8.34 लाख रुपये की आय हो रही है।अडानी समूह से करार के बाद यह आय बढ़कर लगभग एक करोड़ रुपये प्रतिमाह तक पहुंचने का अनुमान है। इससे एसटीपी संचालन और रखरखाव के खर्च की भरपाई आसान होगी और निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
फैक्ट फाइल
- 60 एमएलडी का नया एसटीपी निमोरा में प्रस्तावित
- 20 एमएलडी टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट चंदनडीह में
- 800 करोड़ रुपये का डीपीआर (अडानी समूह)
- 250 करोड़ रुपये का डीपीआर (एनएसपीसीएल)
- 48 किमी लंबी पाइपलाइन योजना
- 17 नालों का पानी एसटीपी में ट्रीट
- 1 करोड़ रुपये तक प्रतिमाह संभावित आय
महापौर का बयान
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि एसटीपी प्लांटों की क्षमता बढ़ाने के साथ ट्रीटेड पानी को उद्योगों को बेचने की दिशा में निगम तेजी से काम कर रहा है। इससे निगम की आय बढ़ेगी और प्लांट संचालन में आने वाले खर्च की पूर्ति होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
