छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी के बीच फिर मौसम में बदलने वाला है। उत्तर और मध्य हिस्सों में दो दिन बाद बादल बनेंगे, हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। कहीं-कहीं गरज के साथ हवा चल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण झारखंड से लगे एक सिनोप्टिक सिस्टम की असर से ऐसी स्थिति बन रही है।
बता दें कि प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और यह सामान्य से ऊपर ही बना रहेगा। इसके अलावा प्रदेश में फिलहाल शुष्क मौसम (ड्राय वेदर) बना हुआ है।
तापमान की बात करें तो मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान दुर्ग और राजनांदगांव में रिकॉर्ड हुआ। वहीं प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।
रायपुर में हल्की धुंध के आसार
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में सुबह के वक्त हल्की धुंध (हेज) रहने की संभावना है। शहर में अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
वहीं अगले तीन दिन में प्रदेश में शुष्क मौसम बना रहेगा। तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक रहेगा, गर्मी में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का असर महसूस होगा।
हवा का चक्रवाती घेरा मौसम को अस्थिर कर सकता है
सिनोप्टिक सिस्टम की बात करें तो दक्षिण झारखंड और उससे लगे उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर लगभग 1.5 किमी ऊंचाई पर हवा का एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है। सरल भाषा में कहे तो एक ऐसी स्थिति जहां ऊपर की हवा गोल-गोल घूमती है, इससे उस क्षेत्र में वातावरण थोड़ा अस्थिर हो जाता है।
दो से तीन दिन बाद दिखेगा असर
इस सिस्टम से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बादल बनने की संभावना बढ़ जाती है। कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, दोपहर या शाम को बादल गरजने की स्थिति बन सकती है। तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होती। लेकिन ये सिस्टम अभी बेहद कमजोर है। ऐसे में दो से तीन दिन बाद इसका असर दिख सकता है।
