गौरीशंकर गुप्ता. रायगढ़। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी और औद्योगिक राजधानी रायगढ़ शहर में पुलिस ने अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के पॉश इलाके बोइरदादर में लंबे समय से फल-फूल रहे देह व्यापार के बड़े सिंडिकेट को पुलिस ने जड़ से उखाड़ फेंका। एसएसपी शशि मोहन सिंह के पदभार ग्रहण करने के बाद से चल रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत यह तीसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसने रिहायशी इलाकों की आड़ में छिपे सफेदपोश दलालों को रस्सी में बांध दिया।
पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि बोइरदादर के एक किराये के मकान में संगठित तरीके से देह व्यापार का धंधा चल रहा है। एसएसपी के निर्देश पर चक्रधरनगर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सटीक रेड की योजना बनाई। एक पॉइंटर को ग्राहक बनाकर भेजा गया, जिसके संकेत पर मकान घेर लिया गया। छापेमारी में दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुए, जबकि तीन महिलाओं को मुक्त कराया गया। मकान से आपत्तिजनक सामग्री और मोबाइल फोन जब्त किए गए।
कार्रवाई शनिवार रात को अचानक हुई, जब पुलिस टीम ने बोइरदादर के हाईप्रोफाइल इलाके में स्थित एक फ्लैट पर धावा बोला। आरोपी डिंपी उर्फ राहुल इजारदार और नागेंद्र विश्वकर्मा निवासी कोतरा रोड को मौके से धर दबोचा गया। ये लोग बाहर से महिलाओं को लाकर ग्राहकों की डिमांड पर देह व्यापार करा रहे थे। किरायेदार राहुल संतोष सोनी के मकान में रहता था, जहां रिहायशी इलाके की आड़ में यह काला कारोबार फल-फूल रहा था।
पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी पूछताछ में सफाई देते पाए गए, लेकिन जब्त मोबाइल से ग्राहकों की कॉल डिटेल्स और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड बरामद हुए। महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है, जहां उनका मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग की जा रही है। यह कार्रवाई रायगढ़ पुलिस की सतर्कता का प्रतीक है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने पदभार संभालते ही अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपना लिया। उनके नेतृत्व में पिछले तीन माह में जुआ, शराबबंदी उल्लंघन और देह व्यापार के खिलाफ लगातार रेड्स हो रही हैं। बोइरदादर वाली यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले केलो विहार और शिवनगर में इसी तरह के सिंडिकेटों का भंडाफोड़ हुआ।
एसएसपी ने कहा, “रायगढ़ को अपराध मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। कोई भी सफेदपोश या दलाल छिप नहीं पाएगा।” अभियान में सीएसपी मयंक मिश्रा और थाना प्रभारी की भूमिका सराहनीय रही। मुखबिरों का नेटवर्क मजबूत किया गया है, जिससे गुप्त सूचनाएं तुरंत मिल रही हैं। जिले भर में अब 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी गई है।
बोइरदादर रायगढ़ का अमीर इलाका है, जहां फैक्टरियों और सरकारी कार्यालयों के अधिकारी रहते हैं। यहां रिहायशी मकानों में छिपे इस कारोबार ने समाज को झकझोर दिया। स्थानीय निवासियों ने लंबे समय से शक जताया था, लेकिन सबूत न होने से चुप थे। पुलिस कार्रवाई के बाद इलाके में राहत की लहर है। महिलाएं और बच्चे अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
