रायपुर। छत्तीसगढ़ को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय रेल सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को रायपुर डीआरएम कार्यालय में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों एवं क्षेत्रीय सांसदों के साथ हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में रेल सेवाओं के विस्तार, नई ट्रेनों के संचालन, स्टेशनों के उन्नयन और अधोसंरचना विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए।
बैठक में सांसद ने दो टूक कहा कि छत्तीसगढ़ देश को सर्वाधिक रेल राजस्व देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है, इसलिए प्रदेश को अत्याधुनिक रेल सुविधाएं मिलना उसका अधिकार है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यात्री सुविधाओं और क्षेत्रीय संतुलित विकास को प्राथमिकता देते हुए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए।
नई ट्रेनों का खाका तैयार
बैठक में जिन प्रस्तावों पर विशेष जोर दिया गया, उनमें सबसे प्रमुख रायपुर से नई दिल्ली के लिए स्लीपर कोच युक्त वंदे भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा—
बिलासपुर–रायपुर–पुरी वंदे भारत
रायपुर–जबलपुर वंदे भारत
दुर्ग–अंबिकापुर वंदे भारत
बिलासपुर–गोवा सीधी ट्रेन
बिलासपुर–नाथद्वारा सीधी ट्रेन
सांसद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन सभी प्रस्तावों को तत्काल रेल बोर्ड को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर स्वीकृति सुनिश्चित करेंगे।
समय-सारणी और विस्तार पर भी जोर
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशाखापट्टनम–दुर्ग वंदे भारत के समय में संशोधन का सुझाव दिया गया। समता एक्सप्रेस को हरिद्वार तक विस्तार देने, जम्मूतवी एक्सप्रेस को अमृतसर मार्ग से संचालित करने, भगत की कोठी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने तथा दल्लीराजहरा–दुर्ग ट्रेन को दैनिक सेवा में बदलने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही मुंबई–नागपुर एवं नागपुर–पुणे ट्रेनों को बिलासपुर तक विस्तारित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बंद ट्रेनों और स्टॉपेज बहाली की मांग
सांसद ने भाटापारा स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कोविड काल में बंद हुई सभी ट्रेनों को पुनः प्रारंभ करने और जिन स्टेशनों पर स्टॉपेज समाप्त कर दिए गए हैं, उन्हें बहाल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना की धीमी गति पर नाराजगी
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर, दुर्ग सहित अन्य स्टेशनों पर निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर सांसद ने नाराजगी जताई। ड्राइंग और डिजाइन की स्वीकृति में हो रही देरी पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
नए जंक्शन और अंडरब्रिज चौड़ीकरण
बैठक में सरोना, मंदिर हसौद और डब्ल्यूआरएस स्टेशनों को भविष्य में रायपुर के नए जंक्शन के रूप में विकसित करने की योजना पर सहमति बनी। रायपुर मंडी गेट, कचना और जोरा में प्रस्तावित अंडरपास (आरयूबी) की ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए ताकि भारी वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके और शहर के यातायात दबाव में कमी आए। सरोना, भिलाई, हथबंद और निपनिया स्टेशनों के निर्माण कार्य अप्रैल से जून तक पूर्ण करने की समय-सीमा तय की गई।
बस्तर क्षेत्र को प्राथमिकता
सांसद ने बस्तर अंचल की उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे केवल राजस्व का माध्यम नहीं बल्कि सेवा का दायित्व भी है। उन्होंने जगदलपुर–दुर्ग रेल सेवा पुनः प्रारंभ करने की मांग रखी। साथ ही रेलवे परियोजनाओं के लिए भूमि देने वाले प्रभावित परिवारों को रोजगार देने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
यात्री सुविधाओं का विस्तार
बैठक में रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और राजनांदगांव स्टेशनों पर एम्बुलेंस और डॉक्टर की तैनाती का प्रस्ताव रखा गया। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सभी प्रमुख स्टेशनों पर ‘गढ़ कलेवा’ केंद्र स्थापित कर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना रखी गई। पोस्ट ऑफिस आधारित टिकट सुविधा शुरू करने तथा ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
“छत्तीसगढ़ की जनता से समझौता नहीं”
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा- “रैक की कमी या व्यावसायिक घाटे का बहाना बनाकर छत्तीसगढ़ की जनता को सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। बैठक में लिए गए सभी प्रस्ताव तत्काल रेल बोर्ड को भेजे जाएं। आवश्यकता पड़ने पर हम सभी सांसद रेल मंत्री से मिलकर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।” बैठक में क्षेत्रीय सांसदों, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, डीआरएम दयानंद सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
