रायपुर। राजधानी रायपुर की पहचान बन चुके तेलीबांधा सरोवर (मरीन ड्राइव) में पार्किंग शुल्क लगाए जाने के फैसले ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने इस निर्णय को जनता विरोधी करार देते हुए महापौर और नगर निगम प्रशासन पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सेवा की बात करके सत्ता में आई महापौर अब व्यवस्था के नाम पर आम जनता से शुल्क वसूलने की नीति पर चल पड़ी हैं।
आकाश तिवारी ने कहा कि, तेलीबांधा सरोवर कोई साधारण स्थान नहीं, बल्कि रायपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है। इसे चेन्नई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर इस उद्देश्य से विकसित किया गया था कि आम नागरिक अपने परिवार के साथ यहां कुछ सुकून के पल बिता सके। आज भी शहर में जब किसी के घर मेहमान आते हैं, तो उन्हें घुमाने-फिराने के लिए सबसे पहले मरीन ड्राइव ही लाया जाता है। यहां टहलना, बैठकर तालाब का सौंदर्य निहारना और परिवार के साथ समय बिताना आम रायपुरवासी की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महंगाई के इस दौर में जहां आम आदमी पहले ही पेट्रोल, डीजल, रसोई और रोजमर्रा की जरूरतों के बोझ तले दबा हुआ है, वहीं अब सुकून की जगहों पर भी शुल्क लगाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। जो आम आदमी कुछ पल चैन से बैठने, बच्चों के साथ घूमने या मेहमानों को शहर की खूबसूरती दिखाने आता है, अब उससे भी पार्किंग के नाम पर पैसा लिया जाएगा। यह पूरी तरह से गलत और असंवेदनशील फैसला है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि यही रवैया रहा तो आने वाले समय में नगर निगम कार्यालय में भी शुल्क लगा दिया जाएगा।
कल को कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर निगम दफ्तर आएगा, तो उससे पहले व्यवस्था के नाम पर शुल्क लिया जाएगा, फिर उसकी बात सुनी जाएगी। क्योंकि सेवा की भावना तो अब कहीं नजर नहीं आती।
आकाश तिवारी ने नगर निगम के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां बिना सोचे-समझे नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं।
“पता नहीं नगर निगम को कौन चला रहा है। कभी पार्किंग शुल्क, कभी अन्य फैसले—यह सब तुगलकी फरमान हैं, जो जनता की समझ से परे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम का ध्यान असली समस्याओं से भटका हुआ है। शहर में VIP रोड सहित कई इलाकों में खुलेआम अवैध कब्जे और निर्माण हो रहे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई करने के बजाय आम जनता पर शुल्क थोपने की तैयारी की जा रही है।
मैंने खुद VIP रोड में शासन की नाक के नीचे हो रहे अवैध कब्जों की पोल खोली है, लेकिन अब तक महापौर या उनकी परिषद ने उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बड़े-बड़े अवैध निर्माण उन्हें नहीं दिखते, लेकिन मरीन ड्राइव में आम जनता की पार्किंग जरूर दिख जाती है।
आकाश तिवारी ने स्पष्ट किया कि तेलीबांधा सरोवर में शुल्क वाली पार्किंग को कांग्रेस और विपक्ष किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। हम सिरे से इस फैसले का विरोध करते हैं। न सिर्फ शुल्क वाली पार्किंग का, बल्कि इस तरह की सलाह देने वाले व्यक्ति का भी विरोध करेंगे। यह फैसला जनभावनाओं के खिलाफ है और इसे वापस लेना ही होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम का दायित्व जनता को सुविधा देना है, न कि हर बात पर शुल्क लगाकर उनसे पैसा वसूलना।
“व्यवस्था बनाइए, लेकिन जनता की जेब पर डाका डालकर नहीं। अगर सच में सेवा करनी है, तो अवैध कब्जों पर कार्रवाई कीजिए, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारिए, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान दीजिए।
अंत में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि महापौर को सद्बुद्धि मिले और वे चुनाव के समय जनता से किए गए बड़े-बड़े वादों को याद करें। रायपुर की जनता ने विश्वास करके उन्हें चुना था। अब नए-नए प्रयोग कर जनता को गुमराह करने का समय खत्म हो चुका है। जनता के नाम पर शुल्क लगाने की राजनीति अब नहीं चलेगी।
तेलीबांधा मरीन ड्राइव में पार्किंग शुल्क को लेकर उठे इस विरोध ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा नगर निगम की राजनीति का बड़ा केंद्र बनने वाला है।
