जांजगीर‑चांपा। जिले के कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने एक साथ तीन विकासखंडों के स्कूल, आंगनबाड़ी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया – गन्दगी, कम उपस्थिति और अव्यवस्थित रिकॉर्ड पर अफसरों‑कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी। शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने निकले कलेक्टर जन्मेजय महोबे, और निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं पर उन्होंने अफसरों की जमकर क्लास ले ली।
गड्ढों में गुम हुई ज़िंदगी, नैला-बलौदा मार्ग बना मौत का रास्ता
कलेक्टर ने बलौदा, नवागढ़ और बम्हनीडीह ब्लॉक के शासकीय विद्यालयों में पहुंचकर शैक्षणिक गतिविधियों की जांच की। गणित में कमजोर बच्चों को अधिक अभ्यास करवाने के सख्त निर्देश दिए
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और रसोई की सफाई देखी गई; गन्दगी मिलने पर जिम्मेदार कर्मियों को नोटिस देने को कहा गया।जर्वे (च) केंद्र में दर्ज के मुकाबले कम बच्चे मिले। कलेक्टर ने सहायिका को तुरंत बच्चों को बुलाने का आदेश दिया और सुपरवाइज़र को कारण‑बताओ नोटिस जारी किया गया।
कनकपुर प्राथमिक शाला में जलभराव देख कलेक्टर भड़के। ग्राम पंचायत सचिव को नोटिस और तत्काल ड्रेनेज दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अस्पताल का दवाई स्टोर, लैब व लेबर रूम खंगाले गए। साफ‑सफाई पर नाराज़गी; बायो‑मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण का आदेश दिया। “जन औषधि केंद्र जल्द शुरू करेंगे, जिससे सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ मिल सकें। कलेक्टर ने मरीजों से बात कर इलाज की स्थिति जानी और चिकित्सकों को बेहतर सेवा की हिदायत दी।
कलेक्टर ने साफ कहा कि शिक्षा, स्वच्छता और पोषण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अब निगाह इस पर रहेगी कि संबंधित विभाग कितनी जल्दी सुधार दिखाते हैं।
