रायपुर। छत्तीसगढ़ की धरती से समानता और सद्भाव का संदेश एक बार फिर गूंजने जा रहा है। प्रदेश के मंत्री एवं सतनामी समाज के गुरु गुरु खुशवंत साहेब बुधवार 18 फरवरी से पांच दिवसीय सतनाम पदयात्रा की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य समाज को एक सूत्र में जोड़ते हुए “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। यह पदयात्रा राजधानी रायपुर से शुरू होकर विभिन्न गांवों और कस्बों से गुजरते हुए 22 फरवरी को गिरौदपुरी धाम में संपन्न होगी।
गुरु परंपरा से प्रेरित यात्रा
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि, यह यात्रा गुरु घासीदास के आशीर्वाद और धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब के सानिध्य में निकाली जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, समरसता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सतनाम पंथ का संदेश इंसानियत, सत्य और बराबरी का संदेश है। इसी भावना के साथ यह पदयात्रा निकाली जा रही है।
मोवा से होगी शुरुआत
पदयात्रा का शुभारंभ रायपुर के आदर्श नगर मोवा स्थित सतनाम भवन से होगा। सुबह 8 बजे पवित्र जैतखाम और गुरुगद्दी की पूजा-अर्चना व आरती के बाद यात्रा प्रारंभ की जाएगी। पहले दिन यात्रा सेमरिया, दोंदेखुर्द, दोंदेकला होते हुए सारागांव पहुंचेगी।
पांच दिनों का विस्तृत कार्यक्रम
18 फरवरी: मोवा से सारागांव
19 फरवरी: बंगोली, खरोरा, कनकी, भैसा होते हुए भंडारपुरी
20 फरवरी: भटिया, खोरसी सण्डी, कोदवा, गिर्रा, घोटिया होते हुए पलारी (विश्राम)
21 फरवरी: अमेरा, सकरी, बलौदाबाजार, पनगांव होते हुए लवन (रात्रि विश्राम)
22 फरवरी: कसडोल, छाछी, कटंगी, अमोदी, मटिया, मड़वा होते हुए गिरौदपुरी धाम में समापन
सामाजिक एकता का आह्वान
मंत्री खुशवंत साहेब ने समाज के सभी वर्गों से इस पदयात्रा में शामिल होकर समानता और सद्भाव का संदेश मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सतनाम पंथ का मूल विचार है- हर मनुष्य बराबर है। जाति, धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को एकजुट करना ही इस यात्रा का उद्देश्य है।
राजधानी सहित जिन-जिन गांवों से यात्रा गुजरेगी, वहां स्वागत और कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। सतनामी समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों में उत्साह का माहौल है।
