ओडिशा सरकार ने तंबाकू और पान मसाला के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा कदम उठाया है। राज्य में बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, तंबाकू, खैनी, जर्दा समेत सभी ओरल (मुंह से इस्तेमाल होने वाले) तंबाकू उत्पादों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना जारी कर इन उत्पादों के प्रोडक्शन, पैकेजिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, स्टोरेज और बिक्री पर रोक लगा दी है।
किन-किन प्रोडक्ट्स पर लगा बैन?
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की सूची में शामिल हैं—
- गुटखा, पान मसाला, जर्दा और खैनी
- सभी तरह के फ्लेवर्ड, सेंटेड या एडिटिव्स मिले चबाने वाले प्रोडक्ट्स
- पैकेज्ड और अनपैकेज्ड दोनों तरह के तंबाकू उत्पाद
- अलग-अलग पैकेट में बेचे जाने वाले ऐसे प्रोडक्ट्स, जिन्हें मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है
- कोई भी फूड प्रोडक्ट जिसमें तंबाकू या निकोटीन मिला हो, चाहे उसका नाम कुछ भी हो
यह बैन सभी ओरल तंबाकू प्रोडक्ट्स पर लागू होगा, चाहे वे किसी भी रूप में बनाए, बेचे, स्टॉक किए या इस्तेमाल किए जा रहे हों।
- क्यों लिया गया इतना सख्त फैसला?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जर्दा, खैनी, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद कैंसर की सबसे बड़ी वजहों में शामिल हैं। - इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) और WHO ने इन्हें कैंसरकारी घोषित किया है
- मुंह, गले, पेट, किडनी और फेफड़ों के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है
- ओडिशा में 42% से अधिक वयस्क स्मोकलेस तंबाकू का सेवन करते हैं, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है
- बच्चे और युवा सबसे ज्यादा इसकी चपेट में आते हैं, जिससे उनकी ओरल हेल्थ और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं
सुप्रीम कोर्ट और FSSAI के नियमों का आधार
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और FSSAI के नियमों के अनुरूप लिया गया है। हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बैन कानूनी रूप से मजबूत है और इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तंबाकू-मुक्त ओडिशा की ओर बड़ा कदम
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और **तंबाकू-मुक्त ओडिशा** बनाने में सहयोग करें। यह फैसला राज्य में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
