गुरुर। सेवा सहकारी समिति मर्यादित सोरर स्थित धान खरीदी केंद्र में इन दिनों धान विक्रय को लेकर गंभीर अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। ऑफलाइन व ऑनलाइन टोकन प्रणाली में तकनीकी खामियों के कारण क्षेत्र के किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। स्थिति यह है कि किसान कई दिनों से धान बेचने के लिए खरीदी केंद्र के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक टोकन तक नसीब नहीं हो पा रहा है।
27 जनवरी को बड़ी संख्या में किसान सुबह से ही अपने-अपने ट्रैक्टरों और बैलगाड़ियों के साथ खरीदी केंद्र पहुंचे थे, लेकिन देर शाम तक टोकन नहीं मिलने से किसानों में नाराजगी देखने को मिली। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम में उनके नाम कम धान रकबे के साथ दर्ज हो रहे हैं, जिससे टोकन नहीं मिल पा रहा है। कई किसानों ने बताया कि उन्हें पहला टोकन भी जारी नहीं हुआ है, जबकि धान कटाई काफी पहले पूरी हो चुकी है।
धान बेचने के लिए भटक रहे किसानों में उत्तम कुमार साहू, निर्भय लाल, जीवन लाल भारद्वाज, तेज प्रताप नारायण साहू, गिरधर पटेल, पाल सिंह भूआर्य, ब्रिजभान सिहारे, भुनेश्वर साहू, सूरज भान, संदीप ठाकुर, टेक राजपुरी, लेखराज पूरी गोस्वामी, सरजू नेताम, रुमन लाल, चमन नेताम, राम सेवक साहू, केशव नेताम, कोमल सिंह भूआर्य, रेखराम नायक, राजेंद्र कुमार, चंदूलाल पटेल, कुम्भज सोरी, नैन सिंह नायक, त्रिवेणी बाई, गजानंद साहू, मोहित राम सहित अनेक किसान शामिल रहे।
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किसानों ने बताया कि बार-बार केंद्र आने-जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। परिवहन खर्च, मजदूरी भुगतान और धान के रखरखाव की चिंता बढ़ती जा रही है। खुले में रखे धान के खराब होने की आशंका भी बनी हुई है। किसानों ने आरोप लगाया कि टोकन व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है, जिससे किसानों का भरोसा टूट रहा है।
इस संबंध में जब खरीदी केंद्र प्रबंधन से बात की गई तो केंद्र के प्रबंधक ने बताया कि समिति को 63 हजार क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें से अब तक 58 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है। लगभग 4 हजार क्विंटल धान की खरीदी अभी शेष है। प्रबंधक ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ किसानों के ऑनलाइन टोकन पहले ही कट चुके हैं और शेष किसानों के टोकन प्रक्रिया में हैं, जिन्हें जल्द जारी कर दिया जाएगा।
हालांकि किसानों का कहना है कि जब तक टोकन वितरण प्रक्रिया में स्पष्टता और समयबद्ध व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक उनकी परेशानी दूर नहीं होगी। किसानों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि धान खरीदी केंद्र में टोकन व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक भटकाव से राहत मिल सके
