गुरुर। बालोद जिले के दौरे पर आए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गुरुर विकासखंड अंतर्गत पुरुर क्षेत्र के झलमला–बालोद मार्ग पर स्थित देवरानी–जेठानी नाले पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल का औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की पोल खोल दी है। निरीक्षण के दौरान पुल और सड़क निर्माण में खामियों को लेकर उपमुख्यमंत्री ने भारी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अफसरों और ठेकेदार को फटकार लगाते हुए कड़े निर्देश दिए। अब सवाल उठता है कि विभागीय अफसर इतने दिनों से क्या कर रहे हैं। अगर मंत्री निरीक्षण नहीं करते तो यह गड़बड़ी सामने ही नहीं आती और ठेकेदार लीपापोती करके निकल जाते। अफसर भी स्तरहीन काम को बेहतर बताकर अपना कमीशन लेते और पूरा मामला ही दबा देते। मंत्री की फटकार ने अफसरों के काम पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। अफसर आखिर ठेकेदार पर इतना क्यों मेहरबान हैं।
दरअसल, झलमला–बालोद मार्ग पर स्थित देवरानी–जेठानी नाले पर 105 मीटर लंबा उच्च स्तरीय पुल लगभग 10 करोड़ 86 लाख रुपये (जीएसटी सहित) की लागत से निर्माणाधीन है। इस कार्य का ठेका एमएस राणा बिल्डर्स, पाटियाला (जालंधर) को दिया गया है। निर्माण कार्य को फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का आदेश है।मंत्री अरुण साव के निरीक्षण के दौरान गौरव खंडेलवाल, बिल्डिंग प्लानिंग इंजीनियर ने उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुल की ऊबड़-खाबड़ सतह पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि पुल को पूरी तरह चिकना एवं समतल बनाया जाए, जिससे आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि पुल की ऊंचाई को सड़क स्तर से जोड़ने के लिए उपयोग की जा रही सामग्री उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। पुराने मार्ग के बंद होने के बाद नए मार्ग का समुचित समतलीकरण अत्यंत आवश्यक है, ताकि यह मार्ग लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बना रहे। निरीक्षण के दौरान बोहरडीही सरपंच राजेंद्र साहू, ठेकेदार के कर्मचारी, इंजीनियर एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
स्तरहीन कार्य पर मंत्री की फटकार, सुधारने के निर्देश
मंत्री अरुण साव ने निरीक्षण के दौरान पुल में हो रही जोड़ाई के कार्य को लेकर भी उपमुख्यमंत्री ने सवाल उठाए और उसे मानक अनुरूप ढंग से करने के निर्देश दिए। स्तरहीन कार्य देखकर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों, इंजीनियर और मुंशी को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुशासन की सरकार में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं की जाएगी
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्देश दिए कि पुल एवं सड़क निर्माण कार्य हर हाल में निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्माण स्थल पर संकेतक बोर्ड, चेतावनी चिन्ह और सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्रीय आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार की प्राथमिकता है कि नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
