रायपुर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पूरे छत्तीसगढ़ में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह चार बजे से ही शिव मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से मंदिर परिसर गूंजते रहे। श्रद्धालु जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल-फूल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने पहुंचे। कई स्थानों पर रुद्राभिषेक, विशेष पूजा और रात्रि जागरण का आयोजन किया गया।
राजधानी रायपुर में शिवभक्ति का केंद्र बने मंदिर
राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर में इस वर्ष भगवान शिव का अर्धनारीश्वर स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर को फूलों, रोशनी और रंगीन कपड़ों से सजाया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। भोर से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते रहे। भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए थे।

इसके साथ ही राजधानी के 13 प्रमुख शिव मंदिरों में भी महाशिवरात्रि को लेकर खास तैयारियां की गईं। कहीं भजन-कीर्तन हुए तो कहीं पूरी रात रात्रि जागरण चलता रहा। महिलाओं और युवाओं ने शिव भजनों पर भक्ति भाव से सहभागिता की।
राजिम कुंभ कल्प में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
राजिम में चल रहे राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ब्रह्म मुहूर्त में हजारों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया। स्नान के बाद श्रद्धालु भगवान कुलेश्वरनाथ मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे, जहां लंबी कतारें देखने को मिलीं।
गरियाबंद जिले में स्थित प्रसिद्ध भूतेश्वर नाथ मंदिर में भी एक दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। आज यहां से बाबा भूतेश्वर नाथ की भव्य पालकी निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे। मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद और सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने देर रात किया पूजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाशिवरात्रि की रात रायगढ़ जिले के ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उनके साथ धर्मपत्नी कौशल्या साय भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से प्रदेश की खुशहाली, शांति और विकास की कामना की। उनके आगमन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया।

दुर्ग जिले में बर्फ से बना शिवलिंग बना आकर्षण
दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के तट पर बर्फ की सिल्ली से आकर्षक शिवलिंग का निर्माण किया गया है। यह शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां प्राचीन शिव मंदिर होने के कारण हर वर्ष महाशिवरात्रि पर भव्य मेले का आयोजन होता है। आसपास के गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचे। बच्चों और युवाओं में भी इस अनोखे शिवलिंग को देखने को लेकर खास उत्साह नजर आया।

भिलाई में निकलेगी भव्य शिव बारात
दुर्ग जिले के भिलाई में महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात निकाली जाएगी। आयोजन समिति के अनुसार इस बार की बारात को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी की गई है। बारात में चार हजार से अधिक लोग राम, रावण, विभीषण, किन्नर, भूत-पिशाच और राक्षसों की वेशभूषा में शामिल होंगे।
इसके अलावा केरल सहित अन्य राज्यों की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। बारात के मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष सजावट की गई है। आयोजकों ने बताया कि आयोजन के लिए 31 हजार लोगों को निमंत्रण भेजा गया है।
राजनांदगांव में महारुद्राभिषेक का आयोजन
राजनांदगांव जिले स्थित मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल धार्मिक आयोजन किया गया। यहां विराजमान दुर्लभ स्फटिक के पातालेश्वर महादेव और पारे के भव्य पारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महारुद्राभिषेक रात 10 बजे से शुरू हुआ। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और देर रात तक पूजा-अर्चना चलती रही। भक्तों का कहना है कि यहां दर्शन मात्र से मन को विशेष शांति मिलती है।
सरगुजा के देवगढ़ में अर्धनारीश्वर पूजा
सरगुजा जिले के देवगढ़ स्थित प्राचीन शिवलिंग की अर्धनारीश्वर स्वरूप में पूजा-अर्चना की गई। मंदिर में विशेष श्रृंगार और अभिषेक किया गया। आसपास के गांवों से श्रद्धालु यहां पहुंचे और भगवान शिव से मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की।
बिलासपुर, जगदलपुर और रायगढ़ में भी उत्सव का माहौल
बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी महाशिवरात्रि को लेकर खासा उत्साह देखा गया। मंदिरों में सुबह से लेकर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, शिव तांडव स्तोत्र पाठ और रात्रि जागरण का आयोजन हुआ। महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन गाए, वहीं युवाओं ने सेवा कार्यों में भाग लिया।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सुविधाएं
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसरों और प्रमुख आयोजनों में पुलिस बल की तैनाती की गई। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी कई स्थानों पर तैनात रहीं।
