घरघोड़ा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय निर्णय के तहत 16 जुलाई को घरघोड़ा तहसील में सभी मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त संगठनों के अधिकारी-कर्मचारी एकत्र हुए और अपनी 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी करते हुए तहसीलदार मनोज गुप्ता को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा।
घरघोड़ा में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, कर्मचारियों ने की नारेबाजी, 22 अगस्त तक मांगें नहीं मानी गईं तो सामूहिक अवकाश की चेतावनी
इस प्रदर्शन में पेंशनर्स ने भी अपना समर्थन दर्ज कराया। फेडरेशन के अध्यक्ष एवं प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष संतोष पांडेय ने सभी मांगों को विस्तार से बताया, जिनमें प्रमुख हैं:
- केंद्र के समान 2% महंगाई भत्ता देय तिथि से प्रदान किया जाए।
- जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि जीपीएफ में समायोजित की जाए।
- वेतन विसंगति पर गठित पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान लागू किया जाए।
- सहायक शिक्षक और सहायक पशु चिकित्सकों को तृतीय समयमान वेतनमान मिले।
- कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाए।
- अनुकंपा नियुक्तियों पर बिना शर्त स्थायी आदेश जारी किया जाए व 10% की सीमा समाप्त की जाए।
- एमपी की तर्ज पर 300 दिन के अर्जित अवकाश का नगदीकरण हो।
- पुरानी पेंशन योजना हेतु एनपीएस कटौती तिथि से सेवा गणना की जाए।
- सेवा निवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
- कार्यभारित, संविदा और दैनिक वेतनभोगियों को नियमित किया जाए।
इस आंदोलन में विभिन्न विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, महिला एवं बाल विकास, पीडब्ल्यूडी, तहसील, रेशम विभाग, आत्मानंद स्कूल, जनपद कार्यालय आदि के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि 22 अगस्त तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो प्रदेशभर के अधिकारी एवं कर्मचारी एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
