रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला परिवहन घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी देवेंद्र डडसेना को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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सूत्रों के अनुसार, डडसेना ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के साथ मिलकर 100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली की थी, जिसे राजनीतिक गतिविधियों में खर्च किया गया। फिलहाल ईओडब्ल्यू ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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हाईप्रोफाइल आरोपी 26 जुलाई को होंगे पेश
इस हाईप्रोफाइल घोटाले से जुड़े अन्य प्रमुख आरोपी – निलंबित आईएएस समीर विश्नोई, रानू साहू और पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया को 26 जुलाई को कोर्ट में पेश होना है। वर्तमान में तीनों आरोपी न्यायालय के आदेश पर छत्तीसगढ़ से बाहर रह रहे हैं।
ईडी की जांच में बड़ा खुलासा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया कि जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन में भारी मात्रा में अवैध वसूली की गई। जांच के अनुसार, खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को एक आदेश जारी कर ऑनलाइन परमिट प्रणाली को ऑफलाइन कर दिया था।
इसके बाद राज्य के कई राजनेताओं, अफसरों और व्यापारियों की मिलीभगत से कोयला परिवहन करने वाले व्यापारियों से 25 रुपये प्रति टन की दर से अवैध लेवी वसूली गई। यह वसूली कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी के कर्मचारियों द्वारा की जाती थी।
अवैध वसूली का आंकड़ा 570 करोड़ पार
ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घोटाले के तहत कुल 570 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली की गई। इस घोटाले का मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी बताया गया है, जिसकी गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।
अब देवेंद्र डडसेना की गिरफ्तारी के बाद ईओडब्ल्यू को उम्मीद है कि मामले से जुड़े अन्य बड़े नाम और राजनीतिक गठजोड़ भी उजागर हो सकते हैं। रिमांड के दौरान डडसेना से कई अहम जानकारियां निकलने की संभावना जताई जा रही है।
