रायपुर। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों में कामकाज ठप है, जबकि प्राइवेट बैंकों पर इसका असर नहीं है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर इस हड़ताल का आह्वान किया है.
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस बैंक कर्मचारियों ने मंगलवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू की है, जिसका असर छत्तीसगढ़ राज्य में भी देखने को मिल रहा है। बैंक कर्मचारी राज्यों के हर जिले में अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस वजह से आज बैंक भी बंद हैं। बता दें कि अलग-अलग वजह से बैंक बंद होने का ये लगातार चौथा दिन है।
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छत्तीसगढ़ में 25 हजार कर्मचारी हड़ताल पर ह। ध्यान रहे कि बीते शुक्रवार (23) जनवरी को बैंक खुले थे, 25 जनवरी को महीने का चौथा शनिवार था, इसलिए बैंक बंद थे। 25 को रविवार और 26 जनवरी (सोमवार) को गणतंत्र दिवस के कारण बैंक बंद थे। चौथे दिन मंगलवार को कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बैंक बंद है। चार दिन से बैंक बंद होने के चलते बैंक ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सौतेला व्यवहार करने का लगा रहे आरोप
बैंक कर्मी पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सरकार की योजनाओं में बैंकर्स का बहुत बड़ा योगदान है। दो साल पहले एग्रीमेंट के दौरान आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक लागू नहीं किया है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकर्स का काम फ ायनेंशियल से जुड़ा है। जब सभी विभागों सेबी में फाइव डे वर्किंग है तो बैंकिंग सेक्टर में क्यों नहीं दिया जा रहा है।
ये बैंक बैंद
छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक सहित सभी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
