रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर अंचल के समग्र, संतुलित और टिकाऊ विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति, मजबूत सुशासन और तेज विकास को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य सरकार का संकल्प है। इसके लिए सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में बस्तर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल विकास कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने, पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने तथा पारंपरिक आजीविका को सशक्त करने के उपायों पर गंभीर मंथन हुआ।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि विकास कार्यों में गति आए और बस्तर के लोगों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और मानवीय विकास भी उतना ही आवश्यक है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बस्तर के विकास से जुड़े प्रस्तावों, वर्तमान कार्यों की स्थिति और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।
