आम आदमी पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha), संदीप पाठक (Sandeep Pathak) और अशोक मित्तल (Ashok Mittal) BJP में शामिल होंगे. राघव चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि AAP अब अपने मूल उद्देश्यों से भटक गई है। पार्टी, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से बनी थी, अब “समझौता करने वाले लोगों के हाथ में” चली गई है।
राघव चड्ढा ने कहा है कि राज्यसभा में AAP के 10 सांसदों में से “दो-तिहाई से अधिक” उनके साथ हैं। कथित बयान में यह भी दावा किया गया है कि इस संबंध में हस्ताक्षर किए गए हैं और दस्तावेज राज्यसभा के सभापति को सौंप दिए गए हैं। कुछ सांसद उनके समर्थन में हैं, जिनमें पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी हमारे साथ हैं।’
राघव चड्ढा ने कहा कि जिस AAP को उन्होंने “खून-पसीने से सींचा” और वर्षों तक समय दिया, वह अब अपने मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक चुकी है। कथित बयान में यह भी कहा गया है कि पार्टी अब देशहित के बजाय निजी हितों के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें यह महसूस हो रहा था कि वे “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं और इसलिए वे अब पार्टी से अलग होकर जनता के बीच काम करना चाहते हैं।
राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने पार्टी गतिविधियों से दूरी इसलिए बनाई क्योंकि वे “कथित गलत कामों” का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे। मैं उनकी दोस्ती के योग्य नहीं था, क्योंकि मैं उनके कामों में शामिल नहीं था। हमारे पास सिर्फ दो विकल्प थे या तो राजनीति छोड़ दें और पिछले 15-16 सालों में किए गए जनसेवा के काम को खत्म कर दें, या फिर अपनी ऊर्जा और अनुभव के साथ सकारात्मक राजनीति करें। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य संवैधानिक प्रावधानों का उपयोग करते हुए भारतीय जनता पार्टी में में विलय करेंगे।’
पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संदीप पाठकने कहा कि वे पिछले 10 वर्षों से पार्टी से जुड़े रहे हैं और अब वे पार्टी से अपने रास्ते अलग कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत की और हमेशा संगठन को व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखा। वायरल संदेश में यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य देश के लिए काम करना था और उन्होंने अपने सभी निर्णय पार्टी हित में लिए। बयान में यह भी उल्लेख है कि उनकी निष्ठा और ईमानदारी का प्रमाण पार्टी के नेता ही दे सकते हैं।
ये हैं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद
राघव चड्ढा (पंजाब), संदीप पाठक (पंजाब), संजय सिंह (दिल्ली), अशोक कुमार मित्तल (पंजाब), हरभजन सिंह (पंजाब), विक्रमजीत सिंह साहनी (पंजाब), बलबीर सिंह सीचेवाल (पंजाब), स्वाति मालीवाल (दिल्ली), एन.डी. गुप्ता (दिल्ली), संजीव अरोड़ा (पंजाब)
राघव के मुताबिक ये सांसद उनके साथ
विक्रमजीत सिंह साहनी, राजेंद्र गुप्ता, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक, राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल
