गौरीशंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इंसान और जानवर के बीच के अनूठे रिश्ते की मिसाल कायम हुई है। ग्रामीणों ने एक मृत हाथी शावक की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ के साथ मृत्युभोज का आयोजन किया। यह घटना वन परिक्षेत्र बंगुरसिया सर्किल के बड़झरिया तालाब की है।
19 दिसंबर 2025 की रात करीब 32 हाथियों का झुंड बड़झरिया तालाब में नहाने आया। इसी दौरान एक नन्हा हाथी शावक गहरे पानी में डूब गया। झुंड के अन्य हाथियों ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर वे जोर-जोर से चिंघाड़ने लगे। वन अमला और ग्रामीण मौके पर पहुँचे। शावक के मृत होने की पुष्टि हुई। हाथियों का झुंड कई दिनों तक आसपास डटा रहा।
हाथी शावक की मौत के बाद ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। बंगुरसिया और नवागांव के लोगों ने बैठक की। उन्होंने तालाब के शुद्धिकरण, वन्यजीवों की सुरक्षा और जनहानि रोकने के उद्देश्य से दशकर्म आयोजित करने का फैसला लिया। आपसी चंदे से धन जुटाया गया। 1-2 फरवरी 2026 को विधि-विधान से कार्यक्रम हुआ। शिव-गणेश मंदिर में भजन-कीर्तन हुए। घटनास्थल पर मृत्युभोज कराया गया।
मृत्युभोज का आयोजन
रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब पहुँचे। बैगा और स्थानीय लोगों ने पूजा-अर्चना की। मृत्युभोज में वन अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि हाथी परिवार का हिस्सा हैं। उनकी चिंघाड़ सुनकर दुख हुआ। यह आयोजन प्रकृति संरक्षण की मिसाल है। धान मंडी में फसल नुकसान से ग्रामीण परेशान थे, फिर भी उन्होंने मानवीयता दिखाई।
हाथियों का व्यवहार
हाथी बुद्धिमान प्राणी हैं। शावक की मौत पर पूरा झुंड शोक में डूबा। वे शव को कई बार उठाने की कोशिश करते रहे। चिंघाड़ें जंगल में गूंजती रहीं। वन विभाग ने झुंड को दूर किया। रायगढ़ में 60-70 हाथी विचरण कर रहे हैं। फसल क्षति की घटनाएँ बढ़ रही हैं। ग्रामीण सतर्क रहते हैं।
यह घटना इंसान-प्रकृति के सामंजस्य को दर्शाती है। छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में वन्यजीवों के प्रति श्रद्धा है। बैगा परंपरा में पशु आत्माओं की शांति महत्वपूर्ण। ग्रामीणों ने कोई हिंसा नहीं की। इसके बजाय शांति पूजा चुनी। वन विभाग ने सराहना की। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं।
वन्यजीव सुरक्षा के उपाय
रायगढ़ में हाथी घुसपैठ रोकने के प्रयास तेज हैं। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा। बिजली के तार, खेतों की रक्षा पर फोकस। तालाबों पर निगरानी बढ़ेगी। शावक की मौत प्राकृतिक थी। वन्यजीवों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाने की योजना। स्थानीय विधायक ने सहायता का आश्वासन दिया।
