रायपुर। आने वाले चक्रवाती तूफान का विपरीत असर फसलों पर होने की आशंका है। तीन दिन बादल-बारिश और तेज हवा के आसार की वजह से किसानों को खेतों में रखी फसल को सुरक्षित करने के साथ कटाई रोकने की सलाह दी गई है। वर्षा की स्थिति जमकर रही, तो खड़े धान की बालियां गिर सकती हैं और दलहन-तिलहन के साथ सब्जियों को खतरा हो सकता है। बदले मौसम का असर से 27 से 29 अक्टूबर तक रहने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति भी 20 से 30 किमी. के बीच हो सकती है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दी सलाह
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, जल्दी पकने वाले धान की कटाई हो रही है। मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए कटाई रोकने और खेतों में रखे फसल को सुरक्षित करने कहा गया है। मध्यम और देर से पकने वाले धान के हल्की बारिश फायदेमंद हो सकती है मगर तेज बरसात से बालियां गिरने का खतरा है। बेमौसम बारिश और बादलों से दलहन-तिलहन पर कीटों का प्रकोप होने और सब्जियों के सड़ने का जोखिम बढ़ सकता है।
कृषि मंत्री और आयुक्त ने दिए अलर्ट रहने के निर्देश
चक्रवाती तूफान को देखते हुए किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किसान के हित में आवश्यक सहयोग के लिए विभाग अधिकारी कर्मचारी सहित मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुवाई का कार्य नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ किया जाए। हवा की गति तेज होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए करेला एवं लौकी जैसी फसलों और केले के पौधों एवं फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा दें। सब्जियों के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें तथा बारिश के दौरान कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।
भारी से अतिभारी बारिश
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 27 अक्टूबर को बस्तर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। 28 अक्टूबर को बस्तर और उससे लगे रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। 29 अक्टूबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे इसका असर बिलासपुर संभाग में होगा। इस अवधि में हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटे हो सकती है। 30 अक्टूबर को इसका असर कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम रूप में हो सकता है।
अंबिकापुर में तापमान 12 डिग्री
मौसम शुष्क होने की वजह से पिछले चार दिन से तापमान में गिरावट का दौर चल रहा था। शनि-रविवार की दरम्यानी अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं रायपुर में रात का पारा 19.7 तक पहुंचा। प्रदेश के मौसम में रात के वक्त ठंड महसूस हो रही है, वहीं दिन में तेज धूप का प्रभाव रहा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक हवा की दिशा में बदलाव होने की वजह से अब न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना बन रही है। अब तापमान में गिरावट नवंबर में होगी।
