नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से जुड़े कारोबारियों को राहत देते हुए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले निर्यात शुल्क में कटौती की है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक नई दरें 1 सितंबर को लागू दरों की तुलना में कम की गई हैं।
पेट्रोल पर एक्सपोर्ट लेवी 1 रुपये घटी
सरकार के नए संशोधन के बाद पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 1.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली लेवी में 1 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है।
डीजल पर 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती
डीजल पर निर्यात शुल्क में बड़ी राहत दी गई है। इसकी दर 25 रुपये से घटाकर 20 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
इससे पहले डीजल पर लागू 25 रुपये प्रति लीटर की संरचना में 24 रुपये प्रति लीटर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और 1 रुपये प्रति लीटर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) शामिल था।
ATF पर भी शुल्क घटा
विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी निर्यात शुल्क कम किया गया है। सरकार ने इसमें 4 रुपये प्रति लीटर की कटौती करते हुए शुल्क को 19 रुपये से घटाकर 15 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
सरकार के मुताबिक यह संशोधन फिलहाल दो सप्ताह की अवधि के लिए लागू रहेगा। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए दरों की समीक्षा की जा सकती है।
घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तत्काल असर नहीं
निर्यात शुल्क में कटौती का सीधा मतलब यह नहीं है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें भी तुरंत कम हो जाएंगी। एक्सपोर्ट लेवी मुख्य रूप से विदेश भेजे जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होती है।
घरेलू ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रुपये की विनिमय दर, केंद्र और राज्य सरकारों के कर तथा तेल विपणन कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं।
निर्यात कारोबार को मिल सकती है राहत
सरकार के इस फैसले से पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से जुड़े रिफाइनरों और कारोबारियों पर लगने वाला शुल्क बोझ कम होगा। आने वाले दो सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय बाजार और निर्यात गतिविधियों पर इस फैसले का असर देखने को मिल सकता है।
