रायपुर। छत्तीसगढ़ में सांसद निधि से विकास कार्यों को मंजूरी देने और राशि खर्च करने के मामले में सांसदों के बीच काफी अंतर नजर आ रहा है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और दुर्ग सांसद विजय बघेल सांसद निधि खर्च करने के मामले में सबसे आगे हैं, जबकि कांकेर सांसद भोजराज नाग सबसे पीछे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक भोजराज नाग अब तक मिली सांसद निधि का महज 39.5 प्रतिशत ही खर्च कर सके हैं। वहीं उन्होंने अन्य सांसदों की तुलना में सबसे कम 87 विकास कार्यों को मंजूरी दी है।
दूसरी ओर सांसद निधि से विकास कार्यों की स्वीकृति तो बड़ी संख्या में दी जा रही है, लेकिन इन कार्यों को जमीन पर पूरा करने की रफ्तार काफी धीमी है। प्रदेश के 11 लोकसभा सांसदों ने वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 में अब तक कुल 2,284 विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इनमें से महज 895 कार्य ही पूर्ण हो पाए हैं, जबकि 1,389 कार्य अभी भी अधूरे हैं। यानी स्वीकृत कार्यों का एक बड़ा हिस्सा अब तक पूरा होने का इंतजार कर रहा है।
हर साल मिलते हैं 5 करोड़ रुपए
लोकसभा सांसदों को अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत हर साल 5 करोड़ रुपए की सांसद निधि मिलती है। यह राशि दो किस्तों में जारी की जाती है। प्रत्येक किस्त ढाई करोड़ रुपए की होती है। पहली किस्त की करीब 75 प्रतिशत राशि खर्च होने के बाद दूसरी किस्त जारी किए जाने का प्रावधान है।
सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र में सड़क, नाली, भवन, पेयजल, सामुदायिक सुविधाओं सहित जनता की जरूरत से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों के लिए इस निधि से राशि स्वीकृत करते हैं। पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान प्रदेश के 11 सांसदों ने हजारों करोड़ की राशि से जुड़े विकास कार्यों को मंजूरी दी है, लेकिन निर्माण कार्यों की पूर्णता की गति चिंता बढ़ाने वाली है।
बृजमोहन और विजय बघेल खर्च में आगे
सांसद निधि के खर्च की बात करें तो रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और दुर्ग सांसद विजय बघेल बेहतर स्थिति में हैं। दोनों सांसदों ने उपलब्ध निधि का 82 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खर्च किया है। वहीं दूसरी तरफ कांकेर सांसद भोजराज नाग द्वारा अब तक उपलब्ध राशि का सिर्फ 39.5 प्रतिशत खर्च किया जाना उन्हें इस सूची में सबसे पीछे रखता है।
हालांकि केवल राशि खर्च होना ही विकास कार्यों की सफलता का पैमाना नहीं है। महत्वपूर्ण यह भी है कि स्वीकृत कार्य समय पर पूरे हों और उनका लाभ संबंधित क्षेत्र की जनता को मिले। यही वजह है कि स्वीकृत और पूर्ण कार्यों के आंकड़ों में बड़ा अंतर चिंता का विषय बना हुआ है।
बस्तर और रायपुर में भी काम की रफ्तार धीमी
स्वीकृत विकास कार्यों को पूरा करने के मामले में भी कई लोकसभा क्षेत्रों की स्थिति कमजोर है। बस्तर लोकसभा क्षेत्र में अब तक सिर्फ 18.4 प्रतिशत कार्य ही पूरे हो पाए हैं। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में भी पूर्णता का प्रतिशत करीब 23.2 प्रतिशत है। सरगुजा लोकसभा क्षेत्र में भी स्वीकृत कार्यों की तुलना में पूर्ण कार्यों की संख्या कम है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि सांसद निधि से कार्यों को मंजूरी मिलने के बाद उनके क्रियान्वयन और निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है। यदि स्वीकृत कार्य समय पर पूरे नहीं होते हैं तो सांसद निधि का उद्देश्य भी प्रभावित होता है और जनता को विकास कार्यों का लाभ मिलने में देरी होती है।
कमलेश जांगड़े के सबसे ज्यादा कार्य पूर्ण
उपलब्ध आंकड़ों में सारंगढ़ लोकसभा सांसद कमलेश जांगड़े के स्वीकृत कार्यों की पूर्णता की स्थिति सबसे बेहतर नजर आती है। उन्होंने 344 कार्यों को मंजूरी दी है, जिनमें से 254 कार्य पूरे हो चुके हैं। इसके बाद ज्योत्सना चरणदास महंत के 310 स्वीकृत कार्यों में 136 पूर्ण हुए हैं।
वहीं कई सांसदों के क्षेत्रों में स्वीकृत कार्यों की तुलना में पूर्ण कार्यों की संख्या काफी कम है। बृजमोहन अग्रवाल के 164 स्वीकृत कार्यों में 38, महेश कश्यप के 206 में 38, विजय बघेल के 218 में 70, चिंतामणी महाराज के 330 में 70 और संतोष पांडेय के 177 में 72 कार्य पूर्ण हुए हैं।
आंकड़ों में सांसद निधि की स्थिति
| सांसद | फंड जारी | खर्च राशि | स्वीकृत कार्य | पूर्ण कार्य |
|---|---|---|---|---|
| बृजमोहन अग्रवाल | 15.37 करोड़ | 6.87 करोड़ | 164 | 38 |
| विजय बघेल | 14.70 करोड़ | 5.87 करोड़ | 218 | 70 |
| कमलेश जांगड़े | 15.03 करोड़ | 9.94 करोड़ | 344 | 254 |
| रूपकुमारी चौधरी | 15.30 करोड़ | 7.66 करोड़ | 179 | 73 |
| महेश कश्यप | 14.70 करोड़ | 6.44 करोड़ | 206 | 38 |
| ज्योत्सना चरणदास महंत | 15.51 करोड़ | 7.55 करोड़ | 310 | 136 |
| तोखन साहू | 14.70 करोड़ | 5.58 करोड़ | 131 | 41 |
| चिंतामणी महाराज | 14.70 करोड़ | 6.14 करोड़ | 330 | 70 |
| राधेश्याम राठिया | 15.97 करोड़ | 8.08 करोड़ | 138 | 72 |
| संतोष पांडेय | 14.70 करोड़ | 6.20 करोड़ | 177 | 72 |
| भोजराज नाग | 16.46 करोड़ | 3.59 करोड़ | 87 | 29 |
मंजूरी के बाद निर्माण की गति बढ़ाना जरूरी
सांसद निधि के आंकड़े बताते हैं कि सांसदों द्वारा विकास कार्यों को मंजूरी देने का सिलसिला जारी है, लेकिन निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। 2,284 स्वीकृत कार्यों में से 1,389 का अब तक अधूरा रहना बताता है कि सिर्फ निधि की स्वीकृति पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन भी जरूरी है।
