नई दिल्ली। हर महीने की पहली तारीख से कई प्रशासनिक, वित्तीय और व्यावसायिक नियमों में बदलाव लागू होते हैं। सितंबर की शुरुआत भी आम लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है। इनका असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, इनकम टैक्स रिटर्न, एलपीजी कनेक्शन और घरेलू खर्च पर पड़ सकता है। जानिए 1 सितंबर से लागू प्रमुख बदलावों के बारे में—
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को राहत, बोर्डिंग पास पर स्टैंप की अनिवार्यता खत्म
भारत से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर से प्रक्रिया आसान हो गई है। अब इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टैंप लगवाना जरूरी नहीं होगा। यात्री मोबाइल पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या प्रिंटेड बोर्डिंग पास दिखाकर इमिग्रेशन क्लियरेंस प्राप्त कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचने और प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
मुंबई में महंगा हुआ दूध, थोक कीमत में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
मुंबई और आसपास के इलाकों में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने डेयरी फार्म से सप्लाई होने वाले ताजा भैंस के दूध की थोक कीमत 93 रुपये से बढ़ाकर 102 रुपये प्रति लीटर कर दी है। यानी कीमत में सीधे 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
थोक कीमत बढ़ने का असर स्थानीय बाजार में खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है। नई थोक दरें 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहने की बात कही गई है।
ITR की समयसीमा खत्म, अब लेट फीस और ब्याज का बोझ
एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए गैर-ऑडिट वाले कुछ करदाताओं और कारोबारी खातों की ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी। यह समयसीमा समाप्त होने के बाद 1 सितंबर से रिटर्न दाखिल करने वाले पात्र करदाताओं को बिलेटेड रिटर्न दाखिल करना होगा।
देरी की स्थिति में लागू नियमों के अनुसार लेट फीस और ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है। ऐसे में जिन करदाताओं ने अभी तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है, उन्हें देरी से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ का ध्यान रखना होगा।
LPG e-KYC नहीं कराने वालों की बढ़ सकती है परेशानी
एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए e-KYC को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने LPG उपभोक्ताओं को e-KYC पूरा करने के लिए 31 अगस्त तक की समयसीमा दी थी।
जिन उपभोक्ताओं ने तय समयसीमा तक e-KYC पूरी नहीं की है, उन्हें 1 सितंबर से गैस सिलिंडर की बुकिंग में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा सरकारी सब्सिडी मिलने में भी दिक्कत या देरी की संभावना जताई गई है।
LPG और ईंधन की कीमतों की मासिक समीक्षा
तेल एवं गैस विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को पेट्रोल, डीजल, एटीएफ और LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत 1 सितंबर 2026 से घरेलू 14.2 किलोग्राम और कमर्शियल 19 किलोग्राम LPG सिलिंडर की नई कीमतें लागू की जा सकती हैं।
ईंधन और गैस की कीमतों में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर घरेलू बजट, परिवहन खर्च और व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करता है। ऐसे में सितंबर की नई दरों पर आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों की नजर बनी हुई है।
आम लोगों पर सीधा असर
सितंबर की शुरुआत में हुए इन बदलावों का असर अलग-अलग वर्गों पर अलग तरीके से पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को इमिग्रेशन प्रक्रिया में राहत मिलेगी, जबकि मुंबई में दूध की बढ़ी कीमत से घरेलू बजट प्रभावित हो सकता है। वहीं, ITR में देरी करने वाले करदाताओं और e-KYC पूरा नहीं करने वाले LPG उपभोक्ताओं को अतिरिक्त परेशानी या वित्तीय बोझ उठाना पड़ सकता है।
