रायपुर। लंदन में करीब दो दशक बिताने के बाद भारत लौटे अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्था ‘जूम अब्रॉड’ और एआई कंपनी ‘श्रीजेन एआई’ के संस्थापक अभिषेक नाखाते ने नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित ‘सॉल्व इंडिया’ मुहिम शुरू की है। इस अभियान की शुरुआत छत्तीसगढ़ से की गई है। अभियान के शुरुआती घंटों में ही सत्यापित नागरिकों की भागीदारी दर्ज हुई और औसतन हर 5.6 मिनट में एक नई नागरिक आवाज अभियान से जुड़ने का दावा किया गया है।
मुहिम के तहत नागरिकों को अपनी समस्याएं और समाधान के सुझाव साझा करने के लिए किसी जटिल सरकारी प्रक्रिया या कागजी कार्रवाई से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। अभियान के अनुसार, व्हाट्सऐप के माध्यम से नागरिक अपनी बात दर्ज करा सकेंगे। इसका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं और उनके समाधान के सुझावों को एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराना है, ताकि संबंधित स्तर तक उनकी आवाज पहुंचाई जा सके।
छत्तीसगढ़ के 22 शहरों से भागीदारी
अभियान के शुरुआती चरण में छत्तीसगढ़ के 22 अलग-अलग शहरों से नागरिकों की भागीदारी सामने आई है। इसके अलावा यूके, विशेषकर लंदन और विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों की ओर से भी मुहिम को समर्थन मिलने की बात कही गई है। अभियान के मुताबिक, बिना किसी अनिवार्यता के 71 प्रतिशत नागरिकों ने स्वेच्छा से अपना नाम साझा किया है।
एआई को समस्या समाधान का माध्यम बनाने पर जोर
‘सॉल्व इंडिया’ के जरिए एआई को केवल ऑटोमेशन और रोजगार के लिए चुनौती के तौर पर देखने के बजाय नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उन्हें समाधान से जोड़ने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। संस्थापक अभिषेक नाखाते का कहना है कि भारत में समस्याओं की कमी नहीं है और समाधान देने वाले लोगों की भी कमी नहीं है। जरूरत इन दोनों को बड़े पैमाने पर जोड़ने की है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस मुहिम का लक्ष्य अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करते हुए 10 लाख नागरिकों तक पहुंचना है। अभियान को पूरी तरह गैर-राजनीतिक और गैर-धार्मिक बताते हुए आयोजकों ने कहा है कि इसकी प्राथमिकता नागरिकों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए लोगों को एक मंच पर जोड़ना है।
