मुंगेली। जिले के चिल्फी थाना क्षेत्र की डिंडौरी चौकी अंतर्गत ग्राम घानाघाट में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले 24 वर्षीय युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से युवक की हत्या की थी।
जानकारी के मुताबिक, 30 जुलाई 2026 की रात ग्राम घानाघाट में रामचंद पटेल के घर के पास अरूण पटेल उर्फ वेद प्रसाद पटेल, पिता शिवराज पटेल, उम्र 24 वर्ष, का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना के बाद डिंडौरी चौकी एवं चिल्फी थाना पुलिस ने मर्ग क्रमांक 17/26 के तहत जांच शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला एवं एसडीओपी लोरमी माधुरी धिरही के मार्गदर्शन में पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान हत्या के पीछे ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया।
पुलिस के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले मृतक अरूण पटेल, आरोपी मुकेश पटेल और उसकी पत्नी मनीषा पटेल मजदूरी करने महाराष्ट्र गए थे और वहां एक ही कमरे में रहते थे। इसी दौरान अरूण और मनीषा के बीच कथित रूप से संबंध स्थापित हुए। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान अरूण ने मोबाइल से वीडियो बना लिया था।
गांव लौटने के बाद अरूण कथित तौर पर उक्त वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मनीषा को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। परेशान होकर मनीषा ने पूरी बात अपने पति मुकेश को बताई। दोनों ने अरूण को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ब्लैकमेलिंग और धमकी जारी रहने पर उन्होंने उसकी हत्या की योजना बना ली।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अरूण को अपने घर बुलाया और दूध में नींद की दवा मिलाकर उसे पिला दी। दूध पीने के बाद जब वह बेहोश हो गया, तब आरोपियों ने गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को रामचंद पटेल के घर के पास फेंक दिया गया। मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त गमछा मनियारी नदी में फेंकने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है।
मर्ग जांच के दौरान हत्या का तथ्य सामने आने पर चिल्फी थाने में अपराध क्रमांक 112/26 के तहत धारा 103, 238(ए), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी मुकेश पटेल, पिता भैया लाल, उम्र 34 वर्ष और उसकी पत्नी मनीषा बाई पटेल, उम्र 27 वर्ष, दोनों निवासी घानाघाट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर 17 अगस्त 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक रघुबीर लाल चंद्रा, डिंडौरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मानसिंह, महिला सहायक उपनिरीक्षक रामकुमारी यादव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
