रायपुर। नगर निगम ने बकाया राशि की वसूली और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम जोन-9 ने बकाया जलकर जमा नहीं करने पर रहेजा स्काई स्केप्स से जुड़े तीन मामलों में बल्क नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की। वहीं, जोन-5 की टीम ने भाठागांव स्थित विनायक सिटी मार्ग पर नियमों के विपरीत निर्मित तीन दुकानों को 3D मशीन की मदद से तोड़ दिया।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, रहेजा स्काई स्केप्स से जुड़े तीन मामलों में कुल 7 लाख 20 हजार 406 रुपये की राशि बकाया थी। निगम की ओर से बकायेदारों को डिमांड बिल, डिमांड नोटिस और अंतिम नोटिस जारी कर राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने पर राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीनों बल्क नल कनेक्शन काट दिए।
इन तीन मामलों में हुई कार्रवाई
- रहेजा स्काई स्केप्स रेसिडेंशियल सहकारी संस्था मर्यादित — वर्ष 2025-26 की 3,23,190 रुपये बकाया राशि।
- रहेजा स्काई स्केप्स (दीपक रहेजा) — वर्ष 2025-26 की 3,23,190 रुपये बकाया राशि।
- रहेजा स्काई स्केप्स रेसिडेंशियल सहकारी संस्था मर्यादित — वर्ष 2023-24 की 74,026 रुपये बकाया राशि।
नगर निगम जोन-9 के अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित प्रक्रिया के तहत कई स्तरों पर नोटिस जारी करने के बाद भी बकाया जमा नहीं किया गया। इसके बाद राजस्व विभाग ने बल्क नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की।
भाठागांव में तीन अवैध दुकानें ध्वस्त
इधर, नगर निगम जोन-5 ने भाठागांव के विनायक सिटी मार्ग पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आवास के साथ बनाई गई तीन दुकानों को 3D मशीन से तोड़ दिया। निगम के अनुसार, इन दुकानों का निर्माण फ्रंट एमओएस (MOS) के हिस्से में किया गया था, जो नियमों के विपरीत पाया गया।
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-5 के नगर निवेश विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान जोन कमिश्नर खीरसागर नायक, कार्यपालन अभियंता लाल महेंद्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता नागेश्वर रामटेके और उप अभियंता टिकेंद्र चंद्राकर सहित निगम की टीम मौजूद रही।
निर्माणकर्ता से वसूला जाएगा तोड़फोड़ का खर्च
नगर निगम ने अवैध निर्माण को हटाने में हुए खर्च की वसूली भी संबंधित निर्माणकर्ता से करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जोन-5 नगर निवेश विभाग ने जोन कमिश्नर के निर्देश पर निर्माणकर्ता को डिमांड पत्र जारी कर दिया है।
निगम अधिकारियों के मुताबिक, नियमों के विपरीत निर्माण और फ्रंट एमओएस क्षेत्र में दुकानों का निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। कार्रवाई में इस्तेमाल मशीनरी और अन्य संसाधनों पर हुए खर्च की राशि संबंधित निर्माणकर्ता से वसूल की जाएगी।
