रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के अधिकारों, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण के साथ विद्यार्थियों के करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय शर्मा ने की। पूर्व कुलसचिव जी.के. निर्माम की विशेष उपस्थिति रही। वहीं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. सी.आर. नेताम, उपाध्यक्ष एवं अति विशिष्ट आमंत्रित अतिथि चंद्रशेखर खरे, डॉ. आर.आर. भंवर, डॉ. जी.पी. आयाम, डॉ. संजय भारिया, डॉ. सुनील नाग, डॉ. रवि श्रेय और श्री तिलक सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।
ARS से लेकर UPSC-PSC तक, करियर के अवसर बताए
कार्यक्रम में चंद्रशेखर खरे ने विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन देते हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति और सफलता के मूल मंत्र बताए। उन्होंने ARS, UPSC, CGPSC, SSC, ITI, IBPS, CGSSC, SI, ICAR, PAT, PET, NEET, CIPET, पॉलिटेक्निक सहित दो दर्जन से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रवेश और सफलता के अवसरों की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही दिशा में तैयारी, समय प्रबंधन, विषय की समझ और निरंतर अभ्यास जरूरी है। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप करियर का लक्ष्य तय कर तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।
‘जल-जंगल-जमीन हमारे अधिकार’ का दिया संदेश
अपने संबोधन में खरे ने आदिवासी समाज के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज के जीवन, संस्कृति और अस्तित्व से जुड़े हैं। उन्होंने समाज के लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और एकजुट होकर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि मूलनिवासी समुदाय लंबे समय से प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। जंगल, जलस्रोत और भूमि के संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं माना जा सकता, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी भी जरूरी है।
राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाण पत्र और पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए अतिथियों ने उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
हजारों विद्यार्थियों ने निभाई सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन पीएचडी रिसर्च स्कॉलर प्रज्ञा ठाकुर ने किया। अतिथियों का स्वागत-सत्कार अमरजीत भगत, ऋतिक सहित अन्य सदस्यों ने किया। आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के हजारों छात्र-छात्राओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विशेष रूप से बीएससी, एमएससी और पीएचडी (एजी) के विद्यार्थियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के अंत में चंद्रशेखर खरे ने समस्त आदिवासी समाज, भारत के मूलनिवासियों और विश्व समुदाय को मूलनिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
