नई दिल्ली। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों से जुड़े कथित यौन शोषण मामले में भाजपा नेता और कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। अदालत ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व सचिव विनोद तोमर को भी आरोपों से मुक्त कर दिया।
फैसला सुनाए जाने के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर अदालत में मौजूद रहे। निर्णय के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अदालत ने उन्हें और विनोद तोमर को सम्मानपूर्वक बरी किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि यदि उनके खिलाफ कोई आरोप साबित होता है तो वे किसी भी सजा का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसे अपने लिए खुशी का दिन बताया।
यह मामला जनवरी 2023 में सामने आया था। मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। छह महिला पहलवानों ने शिकायत दर्ज कराई थी, हालांकि बाद में एक नाबालिग पहलवान ने अपनी शिकायत वापस लेते हुए अपना बयान बदल दिया था।
दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर 10 मई 2024 को अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। दोनों आरोपी 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर थे।
2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। करीब 1,133 दिनों तक चले इस मामले में कुल 127 सुनवाई हुईं। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने मामले में अंतिम फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
आरोप तय किए जाने के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने अदालत में कहा था कि उनके खिलाफ लगाया गया मामला झूठा और प्रेरित है। अब अदालत के फैसले के साथ इस मामले में उन्हें राहत मिल गई है।
