संसद के मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर लोकसभा में जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने करीब 50 मिनट के भाषण में सरकार को छात्रों के मुद्दे पर घेरा। इस दौरान उनके द्वारा ‘इडियट’ शब्द के इस्तेमाल पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।
2024 के कानून में प्रस्तावित हैं बदलाव
यह संशोधन विधेयक वर्ष 2024 में लागू किए गए कानून में बदलाव का प्रस्ताव रखता है। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि यह कानून परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने और अनुचित गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
शिक्षा मंत्री को लेकर भी हुआ राजनीतिक विवाद
पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली।
संसद परिसर के बाहर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए। वहीं, लोकसभा में प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे का उल्लेख किया, हालांकि उनकी टिप्पणी को बाद में सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया।
आज क्या होगा?
बुधवार को लोकसभा में विधेयक पर मतदान कराया जाएगा। यदि यह पारित होता है, तो इसके बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां इस पर चर्चा होगी। संसद की कार्यवाही के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बार फिर तीखी बहस होने की संभावना है।
