रायपुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय डीप डिप्रेशन का असर अब छत्तीसगढ़ में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के कई जिलों में अगले 48 घंटे तक भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
सोमवार दोपहर राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। रायपुर और बिलासपुर संभाग के अनेक क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में भारी वर्षा हुई।
लगातार हो रही बारिश के बीच हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। दुर्ग जिले में अलग-अलग डूबने की घटनाओं में तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस और प्रशासन ने तीनों के शव बरामद कर लिए हैं।
वहीं सारंगढ़-बरमकेला क्षेत्र के लाट नाले में तेज बहाव के दौरान बह गई कार में सवार पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी का 44 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार दोनों की तलाश में जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक मानसून की कुल वर्षा सामान्य से 21 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि वर्तमान मौसम प्रणाली के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है, जिससे वर्षा की कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।
तापमान की बात करें तो प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान भी पेंड्रारोड में 22.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं का भी खतरा बना रहेगा। ऐसे में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनते नदी-नालों से दूर रहने की अपील की गई है।
