रायपुर। प्रदेश महिला कांग्रेस ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है। कार्यकारी अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि महिला आयोग का दायित्व महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार और अन्याय के मामलों में संज्ञान लेना है, लेकिन आयोग कांग्रेस नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट पर एफआईआर के निर्देश देकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों से भटक गया है।
संगीता सिन्हा ने आरोप लगाया कि आयोग बेटियों के हितों की रक्षा करने के बजाय आरोपियों के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन करने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने महिला आयोग अध्यक्ष से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की भी मांग की।
महिला कांग्रेस ने हाल में जगदलपुर की नीट छात्रा की आत्महत्या और जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में महिला आयोग की चुप्पी सवाल खड़े करती है। पार्टी का आरोप है कि छात्राओं के साथ हुई कथित घटनाओं और महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आयोग ने अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई।
संगीता सिन्हा ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हिंसा से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें मौजूद हैं, लेकिन महिला आयोग उन मामलों में स्वतः संज्ञान लेने के बजाय विरोध दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई की बात कर रहा है। उन्होंने आयोग से महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में निष्पक्ष एवं संवेदनशील भूमिका निभाने की मांग की।
