नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। सुबह से ही हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और पत्थरबाजी की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
इससे पहले बुधवार देर रात जंतर-मंतर से करीब एक किलोमीटर दूर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस स्थित टॉल्स्टॉय मार्ग के पास कुछ उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पत्थरों और बोतलों से हमला किया। इस घटना में कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए दिल्ली प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर गुरुवार सुबह राजधानी के 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इनमें सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन भी शामिल है। इस फैसले से न्यायालय आने-जाने वाले वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत से अनुरोध किया कि कम से कम सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों और वैध प्रवेश पास रखने वाले पक्षकारों को सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन से आने-जाने की अनुमति दी जाए। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो न्यायालय इस मामले में उचित हस्तक्षेप करेगा।
